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अकाली दल ने महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन के कदम का विरोध किया

khaskhabar.com: बुधवार, 15 अप्रैल 2026 9:20 PM (IST)
अकाली दल ने महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन के कदम का विरोध किया
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (सिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने बुधवार को महिला आरक्षण बिल की आड़ में लोकसभा सीटों के परिसीमन के कदम की आलोचना की, और जनसंख्या-आधारित इस परिसीमन प्रक्रिया को पंजाब के प्रति घोर भेदभावपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी परिसीमन के इस कदम का विरोध करने के लिए एक सर्वदलीय पहल के पक्ष में है। परिसीमन के कदम के भेदभावपूर्ण स्वरूप पर विस्तार से बताते हुए बादल ने एक बयान में कहा कि पंजाब मुख्य रूप से एक अल्पसंख्यक-बहुल राज्य है। इस जनसंख्या-आधारित परिसीमन के सबसे बड़े शिकार हम ही होंगे। पंजाब के लिए सीटों में नाममात्र की वृद्धि की तुलना में, हरियाणा में लगभग सौ प्रतिशत की वृद्धि होगी और लोकसभा में उसकी सीटों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। इससे हम कहां रह जाते हैं? हम पहले से ही सुनियोजित भेदभाव और अन्याय के शिकार हैं।
अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि परिसीमन के इस कदम ने पंजाब को जनसंख्या नियंत्रण पर राष्ट्रीय एजेंडा का पालन करने के लिए दंडित किया, और उन राज्यों को पुरस्कृत किया जिन्होंने उन राष्ट्रीय लक्ष्यों की अवहेलना की थी।
बादल ने इस कदम को देश के पहले से ही कमजोर संघीय ढांचे पर एक जानलेवा वार भी बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत का नियंत्रण सिर्फ चार हिंदी भाषी राज्यों यूपी, एमपी, बिहार और राजस्थान के हाथों में सौंपने की एक साजिश है। इससे लोकसभा में उनकी ताकत लगभग दोगुनी हो जाएगी और उन्हें लोकसभा में 40 प्रतिशत से ज्यादा की संयुक्त ताकत मिल जाएगी। इससे बाकी सभी राज्य लगभग बेमानी हो जाएंगे।
हालांकि, बादल ने प्रस्तावित महिला आरक्षण बिल के लिए अपनी पार्टी के बिना शर्त समर्थन को दोहराते हुए कहा कि यह महान गुरु साहिबान द्वारा हमें दी गई सोच और सिद्धांतों के अनुरूप है।
अकाली दल महिलाओं के लिए आरक्षण के पक्ष में पूरी तरह से है। लेकिन हम इस कदम का विरोध करते हैं, जिसका इस्तेमाल खतरनाक परिसीमन की चालों को छिपाने के लिए किया जा रहा है।
--आईएएनएस

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