AAP, having seized power through false promises, is unconcerned about the public and preoccupied with the politics of accusation: Dr. Archana Gupta-m.khaskhabar.com
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झूठे वादों से सत्ता हथियाने वाली आप को जनता की चिंता नहीं, आरोपों की राजनीति में व्यस्त : डॉ अर्चना गुप्ता

khaskhabar.com: सोमवार, 07 सितम्बर 2026 5:39 PM (IST)
झूठे वादों से सत्ता हथियाने वाली आप को जनता की चिंता नहीं, आरोपों की राजनीति में व्यस्त : डॉ अर्चना गुप्ता
चंडीगढ़। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने कहा है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने भोली-भाली जनता से बड़े-बड़े वादे और घोषणाएं करके सत्ता हासिल की, लेकिन सरकार बनने के बाद जनता की समस्याओं और अपने वादों की चिंता करना भूल गई। पंजाब की जनता आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता इन्हें सबक सिखाते हुए भाजपा की सरकार बनाने का काम करेगी। सोमवार को चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और हरियाणा में कांग्रेस को लेकर पूछे गए सवालों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि वह अपने प्रदेश के युवाओं को नशे के दलदल से कैसे बाहर निकाले, रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाए और आम जनता का जीवन कैसे बेहतर बनाए। लेकिन दुर्भाग्य से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने काम का हिसाब देने से ज्यादा केंद्र सरकार और दूसरी सरकारों पर आरोप लगाने की चिंता रहती है। उन्होंने कहा कि जनता अब आरोप-प्रत्यारोप नहीं, काम चाहती है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा सरकार अपने संकल्प पत्र को सरकार का संकल्प मानकर काम कर रही है। चुनाव से पहले किए गए वादों को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें पूरा करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार द्वारा की गई 217 घोषणाओं में से अब तक 70 घोषणाएं पूरी की जा चुकी हैं। यह भाजपा सरकार की नीयत, नीति और कार्यशैली का प्रमाण है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन गुरुओं और संत-महापुरुषों ने भारत की संस्कृति, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उनका अपमान करने वाली राजनीति को देश और समाज कभी स्वीकार नहीं कर सकता। ऐसे महापुरुषों के प्रति सम्मान हमारी सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का हिस्सा है। प्रदेश में विधानसभा और विभिन्न जिलों में राजनीतिक घटनाक्रमों पर बोलते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार किसी एक वर्ग, क्षेत्र या जाति की सरकार नहीं, बल्कि हर एक हरियाणवी की सरकार है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के भाव से काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब जनता के बीच जाने के लिए कोई सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है। यही कारण है कि वह विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक और गरिमापूर्ण मंच को भी राजनीतिक हंगामे और समाज को बांटने का माध्यम बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने विधानसभा में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दलित सिख विधायक 1984 की पीड़ा और उस दौर में सिख समाज के साथ हुए अन्याय को लेकर अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रख रहे थे और कांग्रेस से माफी की मांग कर रहे थे। लेकिन कांग्रेस विधायक द्वारा उनका पर्चा छीनना न केवल विधानसभा की मर्यादा का उल्लंघन था, बल्कि यह कांग्रेस की दबंग और असहिष्णु मानसिकता को भी दर्शाता है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के विधायक जिस प्रकार जातियों और समाज के विभिन्न वर्गों को लेकर टिप्पणियां कर रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोई भी विधायक, मंत्री या जनप्रतिनिधि किसी एक जाति का प्रतिनिधि नहीं होता। वह पूरी विधानसभा और पूरे समाज का प्रतिनिधि होता है। जनप्रतिनिधियों को समाज को जोड़ने का काम करना चाहिए, न कि जातीय विभाजन को हवा देनी चाहिए।

भाजपा बंद मुट्ठी की तरह एकजुट, संगठन ही हमारी ताकत
पार्टी के भीतर किसी प्रकार के मतभेद के सवाल पर डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भाजपा बंद मुट्ठी की तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ मंत्री और वरिष्ठ कार्यकर्ता के नाते राव इंद्रजीत हमारे साथ थे, हमारे साथ हैं और आगे भी संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने स्वयं स्पष्ट किया है कि कमर में दर्द होने के कारण वह गत दिवस मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।उन्होंने कहा कि भाजपा एक विचार और परिवार है। यहां कार्यकर्ता और नेतृत्व पद से नहीं, संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से पहचाने जाते हैं। कांग्रेस को भाजपा की एकजुटता की चिंता करने के बजाय अपने भीतर की खींचतान और जनता से टूट चुके अपने संबंधों की चिंता करनी चाहिए।

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