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सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग: काशी, प्रयागराज और अयोध्या में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

पुष्पवर्षा और मंगला आरती: मंदिर प्रशासन की ओर से धाम में पहुंचे भक्तों और कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। मंगला आरती के साथ ही पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था: डीआईजी शिवहरी मीणा ने बताया कि आधी रात से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में तैनात होकर कतारों को व्यवस्थित कर रहे हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त पुलिस बल से निगरानी रखी जा रही है।
जलस्तर बढ़ने से नौकाएं बंद: दशाश्वमेध क्षेत्र के एसीपी अतुल अंजन ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से नावों का संचालन पूरी तरह रोक दिया गया है।
प्रयागराज: दशाश्वमेध घाट पर कांवड़ियों का रेला, नागवासुकी मंदिर में विशेष पूजनप्रयागराज में संगम और गंगा तटों पर भोर से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चला:
कांवड़ियों का प्रस्थान: दशाश्वमेध घाट पर हजारों कांवड़ियों ने गंगाजल भरा और विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए।
नागवासुकी मंदिर में भारी भीड़: दारागंज स्थित ऐतिहासिक नागवासुकी मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही 10 हजार से अधिक श्रद्धालु कतारों में खड़े नजर आए। भक्तों ने नाग देवता को दूध, जल और पुष्प अर्पित कर कालसर्प दोष व ग्रह बाधाओं की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के बाद नागों के राजा भगवान वासुकी का यह मुख्य निवास स्थल बना था।
अयोध्या: सिद्ध पीठ नागेश्वरनाथ में गूंजे भोले के जयकारे
राम की नगरी अयोध्या में भी सावन सोमवार और नाग पंचमी के पावन अवसर पर शिवभक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला। सिद्ध पीठ नागेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं, जहां स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ सिद्धार्थनगर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं ने सरयू स्नान कर भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं ने तीर्थ क्षेत्रों में सुगम दर्शन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना की।
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