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औद्योगिक उत्कर्ष की दिशा में निर्णायक बजट : साल 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का संकल्प

बजट में सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच मार्गों के निर्माण और लॉजिस्टिक सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। “विकसित राजस्थान @2047” के विजन के अनुरूप आधारभूत संरचना विस्तार को प्रथम स्तंभ के रूप में स्थापित किया गया है। सड़क विकास पर हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान, नॉन-पैचेबल और क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण हेतु 1,400 करोड़ रुपये तथा मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान, औद्योगिक परिवहन को निर्बाध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तेज, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन से न केवल उत्पादन लागत घटेगी, बल्कि निर्यात प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
औद्योगिक निवेशकों के लिए यह संकेत है कि प्रदेश सरकार लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक मानकों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक उद्योग केवल उत्पादन का प्रश्न नहीं, बल्कि पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का भी विषय है। बजट में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में IoT आधारित प्रदूषण निगरानी प्रणाली स्थापित करने हेतु 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान भी उल्लेखनीय है।
यह कदम विशेष रूप से टेक्सटाइल, केमिकल और प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय अनुपालन में सहूलियत मिलेगी और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार होगा। जोधपुर में STP/CETP के उपचारित जल के माध्यम से औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह न केवल जल संरक्षण की दिशा में अभिनव कदम है, बल्कि उद्योगों को सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बायो वेस्ट आधारित कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्रों की स्थापना का निर्णय, राजस्थान को ऊर्जा संक्रमण के अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकता है। इससे ऊर्जा लागत में कमी और स्वच्छ उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक विकास केवल शहरी औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। कृषि उत्पादों के प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और भंडारण क्षमता विस्तार के लिए बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं।
वर्ष 2047 तक 30 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता के लक्ष्य की दिशा में गोदाम निर्माण और सहकारी समितियों को अनुदान का प्रावधान, एग्री-प्रोसेसिंग उद्योगों के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। किसी भी महत्वाकांक्षी औद्योगिक लक्ष्य के लिए वित्तीय स्थिरता आवश्यक है।
बजट अनुमान (2026–27) के अनुसार राजस्व प्राप्तियां 3 लाख 25 हजार 740 करोड़ रुपये तथा राजस्व व्यय 3 लाख 50 हजार 54 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने का प्रयास और पूंजीगत व्यय में वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार उपभोग आधारित खर्च के बजाय उत्पादक निवेश को प्राथमिकता दे रही है। यह दृष्टिकोण औद्योगिक आधार को दीर्घकालिक मजबूती देगा। औद्योगिक विकास का वास्तविक आधार मानव संसाधन है।
प्रदेश में स्किल इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, आउटकम बेस्ड स्किल इंपैक्ट बॉन्ड की शुरुआत और उद्योग-भागीदारी आधारित स्किल डेवलपमेंट संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव, उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने में सहायक होगा। iStart कार्यक्रम के अंतर्गत हजारों स्टार्टअप्स का पंजीकरण प्रदेश में नवाचार आधारित औद्योगिक संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है। यह डिजिटल, टेक्नोलॉजी और सेवा-आधारित उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा।
औद्योगिक नगरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट संयंत्रों की स्थापना तथा इंटीग्रेटेड प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण का प्रस्ताव, शहरी औद्योगिक पारिस्थितिकी को अधिक व्यवस्थित बनाएगा।स्वच्छ और सुव्यवस्थित औद्योगिक वातावरण निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वर्ष 2047 का 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, रोजगार सृजन, निर्यात विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भागीदारी का प्रतीक है। यह लक्ष्य कृषि, उद्योग, पर्यटन और सेवा क्षेत्रों के समन्वित विकास पर आधारित है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रणनीतिक वित्तीय नियोजन, वित्तीय स्थिरता और नागरिक-केंद्रित सुशासन के माध्यम से राजस्थान को विकसित और आदर्श राज्य के रूप में स्थापित किया जाएगा।
राजस्थान का यह बजट औद्योगिक विकास के लिए सड़क और लॉजिस्टिक नेटवर्क, पर्यावरणीय अवसंरचना, जल एवं ऊर्जा प्रबंधन, कौशल विकास, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक विजन जैसे बहुआयामी आधार तैयार करता है। यह बजट प्रदेश को “संकल्प से सिद्धि” की दिशा में अग्रसर करने वाला दस्तावेज है। बजट के प्रभावी क्रियान्वयन से विश्वास है कि राजस्थान न केवल उत्तर भारत का औद्योगिक हब बनेगा, बल्कि 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकेगा।
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