Raat Akeli Hai - The Bansal Murders Review: A Suspenseful Film, a Story That Questions the System and Corruption-m.khaskhabar.com
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'रात अकेली है- द बंसल मर्डर्स' रिव्यू: सस्पेंस से भरपूर फिल्म, सिस्टम और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाती कहानी

khaskhabar.com: शुक्रवार, 19 दिसम्बर 2025 3:28 PM (IST)
'रात अकेली है- द बंसल मर्डर्स' रिव्यू: सस्पेंस से भरपूर फिल्म, सिस्टम और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाती कहानी
फिल्म: रात अकेली है - द बंसल मर्डर्स, निर्देशक: हनी त्रेहान, कलाकार: राधिका आप्टे, रजत कपूर, संजय कपूर, अखिलेंद्र मिश्रा, दीप्ति नवल, रेवती, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, चित्रांगदा सिंह, प्रियंका सेतिया, कहां देखें: नेटफ्लिक्स, रिलीज डेट: 19 दिसंबर 2025, रन टाइम: 2 घंटे 15 मिनट, रेटिंग्स: 4 स्टार्स। 'रात अकेली है- द बंसल मर्डर्स' ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह फिल्म 2020 में रिलीज हुई पहली हिट फिल्म 'रात अकेली है' का सीक्वल है। हालांकि, फिल्म को इस तरह बनाया गया है कि अगर आपने पहली फिल्म नहीं देखी है, तब भी आप इसे आसानी से समझ सकते हैं। फिल्म की कहानी बंसल परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। यह एक अमीर और प्रतिष्ठित परिवार है, लेकिन एक रात अचानक वहां कई हत्याओं की घटनाएं घटती हैं। इस घटना से पूरे परिवार और समाज में हलचल मच जाती है। पुलिस इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) मामले की जांच करते हैं। वह जल्दी ही अपराधी का पता लगा लेते हैं। इस दौरान वे महसूस करते हैं कि सिस्टम और समाज ऐसे लोगों के बचाव में होते हैं, जो धन और सत्ता में मजबूत हैं। फिल्म सिर्फ यह नहीं दिखाती कि 'कौन अपराधी है', बल्कि यह भ्रष्ट प्रशासन और अमीर घरानों के अंदर छुपी गहरी सच्चाई को भी उजागर करती है।
अभिनय के मामले में फिल्म ने दर्शकों को प्रभावित किया है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी भूमिका में पूरी तरह से फिट हैं। सिस्टम के खिलाफ लड़ाई में जटिल यादव की थकान और निराशा को इतनी सहजता से दिखाते हैं कि दर्शक सीधे उनके अनुभवों से जुड़ जाते हैं। इसके अलावा, चित्रांगदा सिंह का अभिनय भी गंभीर है। उनके किरदार की हर झलक प्रभावशाली लगती है।
फिल्म के सहायक कलाकारों में रजत कपूर, दीप्ति नवल और रेवती शामिल हैं, जिन्होंने अपने-अपने किरदारों को सच्चाई और गहराई के साथ निभाया है। हालांकि राधिका आप्टे का स्क्रीन टाइम कम है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म में अपनी खास पहचान छोड़ती है।
तकनीकी रूप से फिल्म काफी अलग है। यह तेज-तर्रार थ्रिलर नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे कहानी को पेश करती है। निर्देशक हनी त्रेहान ने फिल्म की धुन और माहौल पर ज्यादा ध्यान दिया है। फिल्म के दृश्य और कैमरे का इस्तेमाल दर्शक को रहस्य और डर की दुनिया में खींचते हैं। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भी इस डर और तनाव को बढ़ाते हैं।
निष्कर्ष: यह क्राइम पर आधारित एक गंभीर और बेहतरीन कहानी है, जो दर्शकों को कुछ नया देती है।

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