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फिल्म समीक्षा : रनवे 34: अखरती है थ्रिल की कमी, अभिनय व संवाद शानदार

khaskhabar.com : शुक्रवार, 29 अप्रैल 2022 3:51 PM (IST)
फिल्म समीक्षा : रनवे 34: अखरती है थ्रिल की कमी, अभिनय व संवाद शानदार
—राजेश कुमार भगताणी
रनवे 34 एक मनोरंजक फिल्म है, जो जेट एयरवेज दोहा से कोच्चि की उड़ान 9ङ्ख 555 के पीछे की सच्ची कहानी से प्रेरित है। मौसम खराब होने की वजह से फ्लाइट कोचीन के एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकती है। फ्लाइट तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट की जाती पर वहाँ भी पहुँचते-पहुँचते मौसम खराब हो जाता है। यात्रियों को पता चल जाता है कि कुछ गड़बड़ हो गई है। यात्री परेशान हो जाते हैं। फ्लाइट लैंड होती है लेकिन पायलट के लिए गए निर्णय को देखकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो उन पर मुकदमा चलाता है।
फिल्म का कथानक संदीप केवलानी ने लिखा है। पटकथा आमिल कियान खान की है, जो जबरदस्त है। मध्यान्तर के पूर्व फिल्म काफी रोचक है, क्योंकि उसमें फ्लाइट का ड्रामा है, लेकिन मध्यान्तर के बाद फिल्म कुछ बोझिल हो जाती है क्योंकि उसमें कोर्ट ड्रामा है, जो ढीला है। कोर्ट रूम ड्रामा तभी पसन्द आता है जब उसमें तनाव होता है, दर्शक अगले दृश्य या संवाद को लेकर सोचने लगता है। यहाँ यही कमी है। हालांकि इस दौरान संवाद बहुत बेहतरीन हैं। फिल्म के तीनों मुख्य पात्रों के संवाद अच्छे लिखे गए हैं।
अभिनय के स्तर पर फिल्म शानदार है तो सिर्फ और सिर्फ दो सितारों अमिताभ बच्चन और अजय देवगन के कारण। नारायणस वेदांत की भूमिका में बच्चन साहब ने कमाल का काम किया है। उनकी संवाद अदायगी दमदार है। जिस अंदाज में वे अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह को कोर्ट में खींचते हैं वह भी दर्शकों को भाता है। अजय देवगन की पत्नी के किरदार में आकांक्षा सिंह औसत हैं। बोमन ईरानी की भूमिका बहुत छोटी है यदि नहीं भी होती तो इससे फिल्म पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था। अजय देवगन ने परदे पर स्वयं को वास्तविक पायलट के रूप में बखूबी पेश किया है। उन्होंने अपने चेहरे के हाव भावों से पायलट की स्थिति को पूरी तरह से पेश करने में सफलता पाई है।
निर्देशक के रूप में अजय देवगन को सफल नहीं कहा जा सकता है। इस तरह के कथानक वाली फिल्मों में उत्तेजना की आवश्यकता होती है जो यहाँ नहीं है। दर्शक किसी भी दृश्य को लेकर उत्तेजित नहीं होता है। इस कमी के लिए जहाँ एक तरफ फिल्म पटकथा जिम्मेदार है तो दूसरी तरफ अजय देवगन का निर्देशन भी। फिल्म का गीत संगीत ठीक-ठाक है। अमर मोहिले का बैकग्राउण्ड म्यूजिक जबरदस्त है। यह तनाव को बढ़ाने में मदद करता है। फिल्म की फोटोग्राफी की तारीफ की जा सकती है।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि अजय देवगन के निर्देशन में बनी रनवे 34 ऐसी फिल्म नहीं है जिसे मास एंटरटेनमेंट कहा जा सके। इसे हर तरह का दर्शक पसन्द नहीं कर सकता।

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