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सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी वायरस बच्चों के लिए खतरनाक, डब्ल्यूएचओ ने जारी की चेतावनी

बच्चे को नाक बहना, खांसी, छींक या हल्का बुखार हो सकता है, लेकिन अगर बच्चा सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा है। ठीक से दूध या खाना नहीं ले पा रहा है। बहुत ज्यादा सुस्त है या उसके होंठ और नाखून नीले पड़ रहे हैं तो इसे गंभीर संकेत मानना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
आरएसवी से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं। बच्चे को छूने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं, बीमार लोगों से शिशु को दूर रखें और घर में बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ करते रहें। बच्चे के आसपास धूम्रपान बिल्कुल न करें, क्योंकि धुएं के संपर्क से सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए डॉक्टर से उपलब्ध आरएसवी वैक्सीन या शिशु के लिए आरएसवी एंटीबॉडी जैसे बचाव के विकल्पों के बारे में जानकारी ली जा सकती है। कौन-सा विकल्प उपयुक्त है, यह मां और बच्चे की स्थिति के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं।
-- आईएएनएस
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