Pulse Electromagnetic Field PEMF Therapy Modern and Scientific Boon for Paralysis Patients-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Jul 23, 2026 4:47 am
Location
 
   राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

पल्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड PEMF थेरेपी पक्षाघात मरीजों के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक वरदान

khaskhabar.com: सोमवार, 08 जून 2026 2:54 PM (IST)
पल्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड PEMF थेरेपी पक्षाघात मरीजों के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक वरदान
PEMF Therapy जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को दोबारा सक्रिय करने में मदद करती है। चिकित्सा विज्ञान में हुए नए शोधों के अनुसार, भविष्य में इस तकनीक की मदद से पक्षाघात के लक्षणों में बहुत बड़ा सुधार संभव है। इसके कार्य करने के तरीके और भविष्य की संभावनाओं का संपूर्ण विवरण : ​पक्षाघात में PEMF थेरेपी का महत्व (वरदान क्यों है? ​न्यूरोप्लास्टिसिटी को बढ़ावा:
स्ट्रोक के कारण मस्तिष्क का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाता है, PEMF थेरेपी उसके आस-पास की स्वस्थ कोशिकाओं को नए न्यूरल नेटवर्क (संपर्क मार्ग) बनाने के लिए उत्तेजित करती है। इसे न्यूरोप्लास्टिसिटी कहते हैं। ​
रक्त संचार और ऑक्सीजन में सुधार:
यह थेरेपी प्रभावित हिस्से में सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को खोलती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व तेजी से पहुँचते हैं। ​
सूजन को कम करना:
स्ट्रोक के बाद मस्तिष्क में होने वाली अंदरूनी सूजन को कम करके यह स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाती है। ​
कोशिकाओं का पुनर्जीवन:
यह कोशिकाओं के पावरहाउस 'माइटोकॉन्ड्रिया' को चार्ज करती है, जिससे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और सुप्त पड़ी नसें दोबारा काम करने लगती हैं। ​
क्या भविष्य में इससे पक्षाघात पूरी तरह ठीक हो सकता है?
​पूरी तरह ठीक होना मरीज की स्थिति (स्ट्रोक कितना गंभीर था और कितना समय बीत चुका है) पर निर्भर करता है, लेकिन हालिया क्लिनिकल ट्रायल्स (जैसे 2026 के नवीनतम शोध) दिखाते हैं कि: ​
विकलांगता में भारी कमी:
जो मरीज पारंपरिक फिजियोथेरेपी के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थेरेपी लेते हैं, उनमें बिना विकलांगता के सामान्य जीवन जीने की संभावना 22% से अधिक बढ़ जाती है।
​गतिशीलता वापस आना:
हाथ-पैरों की जकड़न कम होती है, जिससे मरीज का संतुलन सुधरता है और वह दोबारा चलने-फिरने व पकड़ बनाने में सक्षम हो पाता है। ​
मानसिक और संज्ञानात्मक सुधार:
यह न केवल शारीरिक क्षमता बल्कि याददाश्त, बोलने की क्षमता और स्ट्रोक के बाद होने वाले डिप्रेशन (अवसाद) को भी ठीक करने में मदद करती है। भविष्य में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थेरेपी पक्षाघात के इलाज का मुख्य हिस्सा बनने वाली है। हालांकि, यह पारंपरिक फिजियोथेरेपी और दवाओं का विकल्प नहीं है, बल्कि उनके साथ मिलकर रिकवरी की रफ्तार को दोगुना करने का एक बेहद सुरक्षित और गैर-आक्रामक (बिना चीर-फाड़ वाला) जरिया है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement