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रोज करें भुजंगासन, कमर दर्द और तनाव से मिलेगा छुटकारा, बढ़ेगी शरीर की लचक

khaskhabar.com: शनिवार, 12 सितम्बर 2026 10:49 AM (IST)
रोज करें भुजंगासन, कमर दर्द और तनाव से मिलेगा छुटकारा, बढ़ेगी शरीर की लचक
नई दिल्ली । नियमित रूप से योग करने से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मन शांत और एकाग्र भी बनता है। इन्हीं महत्वपूर्ण आसनों में से एक है भुजंगासन। यह न केवल रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, बल्कि पूरे शरीर में नई ऊर्जा का संचार भी करता है। भुजंग का अर्थ है सांप और आसन का अर्थ मुद्रा। इस आसन में शरीर की आकृति फन फैलाए हुए सांप के समान होती है, इसलिए इसे भुजंगासन या कोबरा पोज कहते हैं। यह आसन दिखने में जितना सरल लगता है, इसके फायदे भी उतने ही चमत्कारी होते हैं। 'भुजंगासन' को 'कोबरा पोज' या फिर 'सर्पासन' के नाम से भी जाना जाता है। इसे सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से आठवां स्थान प्राप्त है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, भुजंगासन पीठ की मांसपेशियों को मजबूत और स्वस्थ बनाने में काफी मददगार है। इस आसन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर में लचीलापन बढ़ता है। साथ ही यह आसन तनाव घटाने, पेट की जिद्दी चर्बी पिघलाने और कब्ज जैसी पाचन परेशानियों को जड़ से खत्म करने में मददगार हो सकता है। पीठ दर्द, साइटिका और श्वसन तंत्र की दिक्कतों से छुटकारा दिलाने वाला यह योग हर उम्र के लिए वरदान है।
यह आसन तनाव को कम करने, चर्बी घटाने और कब्ज दूर करने में सहायक है। साथ ही यह पीठ दर्द व श्वसन नली से संबंधित समस्याओं को दूर करता है। इसको करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे चेहरे पर चमक आती है और त्वचा निखरती है। शरीर में ऊर्जा और ताजगी बनी रहती है।
पीठ दर्द, हाल की सर्जरी, रीढ़ की गंभीर समस्या या मासिक धर्म के दौरान यह आसन न करें। डॉक्टर से सलाह लें। योग अपनाकर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
--आईएएनएस

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