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सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का आधार है आयुर्वेद आहार, आयुष मंत्रालय ने बताया महत्व

आयुर्वेद आहार को आसान भाषा में समझने के लिए तीन बातें सबसे महत्वपूर्ण हैं- आहार, परंपरा और मानक।
पहला है आहार। इसका सीधा मतलब है कि हम क्या खाते और पीते हैं। हमारे रोजमर्रा के भोजन में शामिल सभी चीजें हमारी आहार व्यवस्था का हिस्सा हैं। आयुर्वेद में भोजन को केवल भूख मिटाने का साधन नहीं माना जाता, बल्कि खान-पान और जीवनशैली को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
दूसरा है परंपरा। भारत में भोजन से जुड़ा ज्ञान और तरीके सदियों से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते रहे हैं। अलग-अलग इलाकों में मौसम, स्थानीय उपलब्धता और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर भोजन तैयार करने और खाने के अलग-अलग तरीके देखने को मिलते हैं। यही पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान आयुर्वेद आहार को समझने में अहम भूमिका निभाता है।
तीसरा है मानक। किसी भी खाद्य पदार्थ के उत्पादन और उसके बारे में लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए स्पष्ट नियम और जिम्मेदार व्यवस्था जरूरी होती है। मानक इसी व्यवस्था का आधार हैं। ये भोजन के उत्पादन और उससे जुड़ी जानकारी को एक तय ढांचे के भीतर रखने में मदद करते हैं।
--आईएएनएस
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