Ayurvedic diets are not just about taste, they are the foundation of health, the Ministry of AYUSH explains their importance.-m.khaskhabar.com
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सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का आधार है आयुर्वेद आहार, आयुष मंत्रालय ने बताया महत्व

khaskhabar.com: शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 10:25 AM (IST)
सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का आधार है आयुर्वेद आहार, आयुष मंत्रालय ने बताया महत्व
नई दिल्ली । आज के समय में लोग अपने खान-पान को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। क्या खाना चाहिए, किस तरह का भोजन हमारी दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए और पारंपरिक खान-पान को किस नजरिए से देखा जाए, इन सवालों पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। ऐसे में आयुर्वेद आहार की अवधारणा को समझना जरूरी हो जाता है। आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आयुर्वेद आहार यानी ऐसा आहार, जिसकी अवधारणा आयुर्वेद के सिद्धांतों और पारंपरिक ज्ञान से जुड़ी है। इसे समझने के लिए केवल भोजन पर ध्यान देना काफी नहीं है। इसके साथ हमारी परंपरा और भोजन से जुड़े तय मानकों को भी समझना जरूरी है। आयुर्वेद आहार के लिए एक निर्धारित नियामक व्यवस्था भी मौजूद है। खाद्य सुरक्षा और मानक (आयुर्वेद आहार) विनियम, 2022 के तहत आयुर्वेद आहार के लिए एक नियामक ढांचा तैयार किया गया है। इसमें श्रेणी ए की व्यवस्था भी शामिल है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद आहार के उत्पादन और उससे जुड़ी जानकारी को एक व्यवस्थित और जिम्मेदार ढांचे में लाना है।
आयुर्वेद आहार को आसान भाषा में समझने के लिए तीन बातें सबसे महत्वपूर्ण हैं- आहार, परंपरा और मानक।
पहला है आहार। इसका सीधा मतलब है कि हम क्या खाते और पीते हैं। हमारे रोजमर्रा के भोजन में शामिल सभी चीजें हमारी आहार व्यवस्था का हिस्सा हैं। आयुर्वेद में भोजन को केवल भूख मिटाने का साधन नहीं माना जाता, बल्कि खान-पान और जीवनशैली को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
दूसरा है परंपरा। भारत में भोजन से जुड़ा ज्ञान और तरीके सदियों से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते रहे हैं। अलग-अलग इलाकों में मौसम, स्थानीय उपलब्धता और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर भोजन तैयार करने और खाने के अलग-अलग तरीके देखने को मिलते हैं। यही पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान आयुर्वेद आहार को समझने में अहम भूमिका निभाता है।
तीसरा है मानक। किसी भी खाद्य पदार्थ के उत्पादन और उसके बारे में लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए स्पष्ट नियम और जिम्मेदार व्यवस्था जरूरी होती है। मानक इसी व्यवस्था का आधार हैं। ये भोजन के उत्पादन और उससे जुड़ी जानकारी को एक तय ढांचे के भीतर रखने में मदद करते हैं।
--आईएएनएस

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