Are you suffering from back pain and neck stiffness? Do these yoga asanas daily to strengthen your spine.-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 16, 2026 4:52 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

कमर दर्द और गर्दन की अकड़न से हैं परेशान; रोज करें ये योगासन, रीढ़ रहेगी मजबूत

khaskhabar.com: बुधवार, 09 सितम्बर 2026 11:01 AM (IST)
कमर दर्द और गर्दन की अकड़न से हैं परेशान; रोज करें ये योगासन, रीढ़ रहेगी मजबूत
नई दिल्ली । आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में दफ्तर में घंटों तक कंप्यूटर के सामने बैठे रहना और गलत पोस्चर में काम करने से थकान और शारीरिक गतिविधियों की कमी से कम उम्र में ही कमर दर्द, गर्दन में अकड़न और स्पाइन से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में योग रीढ़ को स्वस्थ और लचीला बनाए रखने का सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका है। योग के नियमित अभ्यास से न सिर्फ रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है बल्कि शरीर का पोस्चर भी सुधरता है और दर्द से राहत मिलती है। हम आपको ऐसे कुछ आसनों के बारे में बताएंगे, जो स्वस्थ रीढ़ के लिए प्रभावकारी हैं। ताड़ासन - यह योग की सामान्य मुद्राओं में से एक माना जाता है, जो पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देकर (पोश्चर) को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत और सीधा रखता है, कंधों और गर्दन की जकड़न कम करता है, शरीर के संतुलन और स्थिरता को बढ़ाता है। ऊर्ध्व हस्तोत्तानासन - यह एक खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है, जो रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ, लचीला और मजबूत बनाने में मदद करता है। साइड में झुकने से पसलियों की मांसपेशियां खुलती हैं, जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन लेने के लिए अधिक जगह मिलती है।
अर्ध चक्रासन - आयुष मंत्रालय के अनुसार, अर्ध चक्रासन (हाफ व्हील पोज) एक बेहतरीन बैकबेंडिंग (पीछे की ओर झुकने वाला) योगासन है, जो रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन और फेफड़ों की कार्यप्रणाली में सुधार करने में अत्यधिक प्रभावी है। इस आसन को करने के दौरान शरीर पीछे की ओर झुकता है, जिससे रीढ़ की हड्डी पर सकारात्मक दबाव पड़ता है और लचीलापन सुधरता है।
त्रिकोणासन - त्रिकोणासन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन और मजबूती के लिए बेहद प्रभावकारी योग आसन है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को दोनों तरफ एक बेहतरीन खिंचाव देता है, जिससे पीठ का दर्द कम होता है और शारीरिक मुद्रा में सुधार होता है।
मार्जारीआसन - यह रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाने वाला एक बेहद सरल और असरदार योगासन है। एक्सपर्ट बताते हैं कि रोजाना कुछ मिनट मार्जरी आसन को करने से दर्द से निजात पाया जा सकता है। इस आसन को करने के दौरान शरीर बिल्ली की मुद्रा में होता है। इसको करते समय रीढ़ की हड्डी को आगे-पीछे लहर की तरह हिलाया जाता है, जिससे पूरा स्पाइन लचीला और मजबूत बनता है।
वक्रासन- इस आसन को रीढ़ की हड्डी और कमर के लिए उपयोगी माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कमर और कंधों में होने वाले खिंचाव और दर्द से राहत पाने में भी यह उपयोगी माना जाता है। खासकर लंबे समय तक बैठने वाले लोगों के लिए यह आसन शरीर को स्ट्रेच करने का अच्छा तरीका हो सकता है।
अर्ध उष्ट्रासन - दफ्तर में लगातार सिस्टम के आगे झुककर बैठने से रीढ़ की हड्डी में कड़ापन आ जाता है। यह आसन रीढ़ को पीछे की तरफ मोड़कर उसके स्वाभाविक लचीलेपन को वापस लाता है। इसके नियमित अभ्यास से कंधे झुकने की समस्या दूर होती है और शरीर की मुद्रा सुधरती है।
शशकासन - इस आसन को करने के दौरान रीढ़ की हड्डी पर खिंचाव पड़ता है और लचीलापन आता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से आपको पीठ की समस्याओं में आराम मिलता है। इसके नियमित करने से पेट के निचले हिस्से में रक्त प्रवाह और भी तेज हो जाता है।
भुजंगासन - यह आसन पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ के साथ चलने वाली मांसपेशियों को सक्रिय और मजबूत करता है। इस योगासन से रीढ़ की हड्डी के आसपास की तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है।
सेतुबंधासन - इस आसन को ब्रिज पोज भी कहा जाता है, जो रीढ़ की हड्डी को मजबूत, लचीला और तनावमुक्त बनाने में मदद करता है। इस आसन को करने के दौरान जब कूल्हों को ऊपर उठाते हैं, तो पीठ और रीढ़ की निचली मांसपेशियों (लोअर बैक) पर दबाव पड़ता है, जिससे वे मजबूत होती हैं।

अर्ध हलासन - अर्ध हलासन (हाफ हलासन) पीठ के बल लेटकर पैरों को 90 डिग्री के कोण पर ऊपर उठाने से रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से (लंबर क्षेत्र) को जमीन पर सपाट रखकर उसे स्थिरता और मजबूती प्रदान करता है।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement