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आप भी तो नहीं दे रहे किडनी स्टोन को दावत? आयुर्वेद से जानें बचाव का आसान तरीका

पथरी के सबसे बड़े कारणों में दिन में 1.5 लीटर से कम पानी पीना, ज्यादा नमक, चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक का सेवन करना, चॉकलेट, मूंगफली जैसी ऑक्सलेट वाली चीजें ज्यादा खाना, लंबे समय तक पेशाब रोकने के साथ ही तली-भुनी और फास्ट फूड का सेवन करना है।
आयुर्वेद, पथरी से बचने के लिए कुछ सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह देता है। पीठ और कमर के साइड में दर्द, पेशाब में जलन या खून, बार-बार पेशाब लगना, जी मिचलाना और भूख न लगना। कई बार छोटी पथरी बिना लक्षण के भी बनती रहती है।
पथरी की समस्या से भयभीत नहीं होने, बल्कि बचाव की जरूरत है। इसके लिए आयुर्वेदाचार्य घरेलू उपाय को अपनाने की सलाह देते हैं। रोजाना कम से कम 2.5–3 लीटर साफ पानी पिएं। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं, यह स्टोन बनने नहीं देता। दिन में 1–2 गिलास नारियल पानी लेना फायदेमंद होता है। खीरा, ककड़ी, तरबूज, मूंग दाल, हल्की खिचड़ी खाएं।
जीरा-धनिया-सौंफ का पानी उबालकर दिन में 2 बार पिएं। प्रतिदिन वॉक करें। तेज दर्द हो तो गर्म पानी की बोतल से कमर पर सेंक करें।
हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर दर्द बिल्कुल सहन न हो, पेशाब बंद हो जाए, तेज बुखार आए या उल्टी न रुके तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं। साथ ही नमक का सेवन कम करें, पानी ज्यादा पिएं, पेशाब कभी न रोकें और तली-मसालेदार चीजों से दूरी बनाएं।
--आईएएनएस
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