50 वैज्ञानिकों ने ड्रग-रेसिस्टेंट फंगस से लड़ने के पांच तरीके बताए

अध्ययन में यह भी सामने आया कि फंगस में दवा-प्रतिरोध अस्पतालों में नहीं, बल्कि मुख्य रूप से पर्यावरण में विकसित होता है। कृषि में इस्तेमाल होने वाले फफूंदनाशक (फंगीसाइड्स) और चिकित्सा में उपयोग होने वाली एंटीफंगल दवाएं संरचना में काफी समान होती हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से फंगस इन दवाओं के खिलाफ प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं और फिर हवा के जरिए फैलते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह स्थिति “वन हेल्थ” (वन हेल्थ) दृष्टिकोण की जरूरत को रेखांकित करती है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और कृषि—तीनों को साथ लेकर रणनीति बनाई जाए।
अध्ययन में खास तौर पर कैंडिडा ऑरिस और एस्परगिलस तक जैसे खतरनाक फंगल संक्रमणों का जिक्र किया गया, जो अस्पतालों और समुदाय दोनों में तेजी से फैल रहे हैं और इलाज को मुश्किल बना रहे हैं।
माइकेला लैकनर ने कहा कि कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में एंटीफंगल दवाओं के दोहरे इस्तेमाल को संतुलित करना जरूरी है। साथ ही, नए एंटीफंगल उपचार और सस्ती जांच तकनीकों में निवेश बढ़ाना समय की मांग है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बढ़ते खतरे को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी वैश्विक स्वास्थ्य संकट की पुनरावृत्ति कर सकता है।
--आईएएनएस
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