Youth employment in AI-affected sectors has seen a sharp decline, with the advent of generative AI putting increased pressure on employment: BOK-m.khaskhabar.com
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एआई से प्रभावित क्षेत्रों में युवा रोजगार में भारी गिरावट, जनरेटिव एआई के आने के बाद रोजगार पर बढ़ा दबाव: बीओके

khaskhabar.com: मंगलवार, 18 अगस्त 2026 10:29 AM (IST)
एआई से प्रभावित क्षेत्रों में युवा रोजगार में भारी गिरावट, जनरेटिव एआई के आने के बाद रोजगार पर बढ़ा दबाव: बीओके
सोल । सेंट्रल बैंक की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग का असर रोजगार बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जनरेटिव एआई तकनीकों, विशेषकर चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स के आने के बाद एआई से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के रोजगार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बैंक ऑफ कोरिया (बीओके) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2022 से जून 2026 के बीच 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों द्वारा किए जा रहे कुल रोजगारों की संख्या में 2.85 लाख की कमी आई, जिसमें सबसे बड़ी गिरावट उन क्षेत्रों में देखी गई जो एआई के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं। योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल घटे रोजगारों में से 2.68 लाख नौकरियां, यानी लगभग 94 प्रतिशत, एआई-प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित थीं, जिनमें आईटी सेवाएं, प्रकाशन, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
इसके विपरीत, 50 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के रोजगार में वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में इस आयु वर्ग के रोजगार में 2.30 लाख की बढ़ोतरी हुई, जिसमें से 1.73 लाख नौकरियां एआई प्रभावित क्षेत्रों में ही बढ़ीं। इससे संकेत मिलता है कि एआई के दौर में अनुभव और विशेषज्ञता वाले कर्मचारियों की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट ने वर्ष 2022 को अध्ययन का आधार वर्ष माना है, क्योंकि इसी वर्ष के अंत में चैटजीपीटी लॉन्च हुआ था और उसके बाद जनरेटिव एआई तकनीकों का उपयोग दुनिया भर में तेजी से बढ़ा।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक गिरावट आईटी सेवाओं में देखी गई, जहां युवाओं का रोजगार 31.4 प्रतिशत घट गया। प्रकाशन क्षेत्र, जिसमें सॉफ्टवेयर और वेब डिजाइन से जुड़े पेशे भी शामिल हैं, वहां रोजगार में 27.4 प्रतिशत की कमी आई।
इसी प्रकार, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में युवाओं का रोजगार 16.6 प्रतिशत और प्रोफेशनल सर्विसेज क्षेत्र में 11.6 प्रतिशत घटा। ये वे क्षेत्र हैं जहां एआई-आधारित ऑटोमेशन और कंटेंट जनरेशन टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है।
शिक्षा के आधार पर बेरोजगारी के आंकड़े भी युवाओं की चुनौतियों को उजागर करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों की औसत बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी, जबकि माध्यमिक शिक्षा या जूनियर कॉलेज स्तर तक पढ़े युवाओं की बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत थी।
लेकिन 2022 के बाद यह अंतर बढ़ गया। उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी दर 7 प्रतिशत रही, जबकि कम शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं में यह 5.4 प्रतिशत रही। इस प्रकार दोनों के बीच अंतर बढ़कर 1.6 प्रतिशत अंक हो गया।
बैंक ऑफ कोरिया ने कहा कि देश की लगातार घटती जनसंख्या भी युवाओं के रोजगार में बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। हालांकि एआई के आगमन ने इस प्रवृत्ति को और तेज कर दिया है।
बीओके के शोध विभाग के शोधकर्ता ओह सैम-इल ने कहा, "एआई युवा कर्मचारियों की उत्पादकता को काफी बढ़ा सकता है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इन्हें एआई द्वारा प्रतिस्थापित भी किया जा सकता है।"
उन्होंने कहा कि युवाओं की नौकरियों में कमी के लिए पूरी तरह एआई को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन यह निश्चित रूप से उस प्रवृत्ति को तेज कर रहा है जिसमें युवाओं के लिए पारंपरिक करियर सीढ़ी धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।
--आईएएनएस

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