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आईबीएम और सर्वम ने किया साझेदारी का ऐलान, भारत में एआई इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती

दोनों कंपनियों का संयुक्त समाधान संगठनों को डेटा, गवर्नेंस, सुरक्षा और अनुपालन पर अधिक नियंत्रण बनाए रखते हुए भारत की नियामकीय और परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप एआई लागू करने में मदद करेगा।
इसके अलावा, इस पहल का उद्देश्य इनोवेशन पायलट, सॉल्यूशन एक्सेलरेटर, तकनीकी सलाहकार सेवाओं और ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से सॉवरेन एआई को तेजी से अपनाने को बढ़ावा देना है।
लखनऊ स्थित आईबीएम गॉवटेक एआई इनोवेशन सेंटर संयुक्त इनक्यूबेशन और डेमोंस्ट्रेशन हब के रूप में कार्य करेगा। यहां सरकारी विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन और उद्यम बड़े पैमाने पर तैनाती से पहले सॉवरेन एआई के व्यावहारिक उपयोग, तकनीकी, परिचालन और गवर्नेंस संबंधी आवश्यकताओं का मूल्यांकन कर सकेंगे।
आईबीएम सॉफ्टवेयर इंडिया और सॉफ्टवेयर इनोवेशन लैब के जनरल मैनेजर श्रीराम राघवन ने कहा, "सॉवरेन एआई केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि एआई कहां संचालित होता है। इसका उद्देश्य संगठनों को यह नियंत्रण देना है कि एआई का संचालन, प्रबंधन और तैनाती कैसे की जाए।"
उन्होंने कहा कि आईबीएम सॉवरेन कोर एक एंटरप्राइज-ग्रेड प्लेटफॉर्म है, जिसे सरकारों और विनियमित उद्यमों को गवर्नेंस, सुरक्षा और अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करते हुए बड़े पैमाने पर एआई लागू करने में सहायता के लिए तैयार किया गया है।
सर्वम के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा कि सॉवरेन एआई को उन प्रणालियों के भीतर काम करना चाहिए, जिन पर सरकारें और उद्यम पहले से निर्भर हैं, साथ ही बड़े पैमाने पर संचालन का भी समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमारा एआई स्टैक इन प्रणालियों के ऊपर मॉडल, वॉयस और भाषा तकनीक उपलब्ध कराता है, ताकि कोई भी नागरिक अपनी मातृभाषा में फोन कॉल के जरिए सरकारी लाभ प्राप्त कर सके या अपनी शिकायत का समाधान कर सके।"
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