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गूगल पेश कर रहा एक नया स्किलिंग प्रोग्राम, भारतीय स्टार्टअप्स को बनाएगा सशक्त

कंपनी के अनुसार, गाइडेड ऑनलाइन ट्रेनिंग और वर्कशॉप की एक सीरीज के जरिए यह प्रोग्राम नॉन-टेक्निकल और क्रिएटिव फाउंडर्स, साथ ही प्री-एंट्रेप्रेन्योर्स को एआई स्टूडियो में जेमिनी, नैनो बनाना, इमेजन और वेओ जैसे आसान, प्रॉम्प्ट-बेस्ड टूल्स का इस्तेमाल कर प्रोटोटाइप बनाने, डिजाइन करने और वैलिडेट करने को लेकर सशक्त बनाएगा।
इसके अलावा, प्रतिभागियों को प्रोग्राम में भाग लेने के लिए सर्टिफिकेट भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे भी बढ़कर प्रतिभागियों को उनके इनोवेशन को शोकेकस करने का अवसर भी मिलेगा। प्रोग्राम के प्रतिभागी अगले वर्ष जनवरी में होने वाले 'बिल्ड द फ्यूचर' शोकेस में प्रवेश के लिए एलिजिबल हो जाएंगे।
गूगल फॉर स्टार्टअप्स इंडिया की हेड रागिनी दास ने कहा, "गूगल फॉर स्टार्टअप्स में हमारा लक्ष्य हर एक फाउंडर तक एआई की पावर को पहुंचाना है, जिससे ट्रेडिशनल कोडिंग से जुड़ी बाधाएं खत्म हो सकें। गूगल के फुल स्टैक एआई इकोसिस्टम की स्पीड और इंटीग्रेशन का लाभ उठाते हुए यह प्रोग्राम एंटरप्रेन्योर्स को कॉन्सेप्ट से क्रिएशन की ओर तेजी से विश्वास के साथ आगे बढ़ाएगा।"
गूगल की इस पहल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्टार्ट अप हब, स्टार्टअप इंडिया, इंडियाएआई मिशन और नैसकॉम के समर्थन से पेश किया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्टार्टअप हब के सीईओ पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल ने कहा कि यह साझेदारी डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के विजन को दर्शाती है, जिसमें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समाधानों को लाने के लिए फाउंडर्स को सशक्त बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गूगल की ओर से इस प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन ओपन कर दिए गए हैं। इच्छुक फाउंडर्स और नए एंटरप्रेन्योर्स स्टार्टअप डॉट गूगल डॉट कॉम वेबसाइट पर विजिट कर खुद को रजिस्टर कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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