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पंजाब: एमपी-आधारित हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम

डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ये हथियार अंतर-गिरोह दुश्मनी के कारण टारगेट किलिंग के लिए खरीदे गए थे। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए एमपी के अवैध हथियार सप्लायरों से जुड़ा था और पंजाब में अपराधियों को हथियार पहुंचाने का माध्यम बना हुआ था।
सीआई अमृतसर को खुफिया सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप पंजाब पहुंचने वाली है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने गांव घनूपुर काले के पास बाइपास रोड पर एचपी पेट्रोल पंप के निकट नाकाबंदी की। संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह एमपी के सप्लायरों से नियमित संपर्क में था और हथियारों की डिलीवरी के लिए कमीशन लेता था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया, "यह सिर्फ शुरुआत है। पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने और अन्य गुर्गों की पहचान के लिए गहन जांच जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व बरामदगियां होने की संभावना है।" उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियारों की डीलिंग एक नया खतरा बनकर उभरा है, जिसे रोकने के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया है। -आईएएनएस
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