Eight people, including a woman, were arrested for fraud worth crores in the name of an online betting app-m.khaskhabar.com
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ऑनलाइन बेटिंग ऐप के नाम पर करोड़ों की ठगी, महिला समेत आठ आरोपी गिरफ्तार

khaskhabar.com: शुक्रवार, 14 नवम्बर 2025 10:11 PM (IST)
ऑनलाइन बेटिंग ऐप के नाम पर करोड़ों की ठगी, महिला समेत आठ आरोपी गिरफ्तार
नोएडा। साइबर ठगी के मामलों पर लगातार निगरानी रख रही गौतमबुद्ध नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना बिसरख पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप और ऑनलाइन जुए के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 पुरुष अभियुक्तों और 1 महिला अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी को टॉवर-1, लॉ रेजिडेंसिया सोसायटी, थाना बिसरख क्षेत्र से दबोचा है। गिरफ्तारी के दौरान इनसे भारी मात्रा में फर्जी कूटरचित चेक बुक, बैंक पासबुक, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का गिरोह 'विनबिज्ज' नाम की ऑनलाइन गेमिंग/बेटिंग एप के जरिए लोगों को ज्यादा कमाई का लालच देकर जाल में फंसाता था। ऐप में पहले छोटे-छोटे दांव जीतवाकर लोगों का विश्वास और लालच बढ़ाया जाता था। इसके बाद जब ग्राहक बड़े दांव लगाने लगते थे, तो लगातार हार की स्थिति बनाकर उनका पैसा हड़प लिया जाता था।
गिरोह की सबसे खतरनाक चाल यह थी कि वह फर्जी आईडी के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके लिए पहले किसी की आईडी लेकर उसके नाम पर सिम कार्ड निकाला जाता, फिर उसी सिम पर बैंक में खाता खुलवाया जाता। इन खातों में ग्राहकों से ठगे गए पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।
पुलिस ने बताया कि इनके कब्जे से बरामद सिम कार्ड भी दूसरों के नाम से प्री-एक्टिवेटेड थे जिनका इस्तेमाल बैंक खाते खुलवाने और लेन-देन के लिए किया जाता था। छापेमारी के दौरान गिरोह के सदस्य एक टेबल पर बैठकर लैपटॉप और मोबाइल के जरिए हार-जीत की ऑनलाइन बाजी लगा रहे थे। पुलिस ने मौके से जो सामग्री बरामद की है, वह इस ऑनलाइन जुए और ठगी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है। बरामदगी में 159 फर्जी पासबुक, 95 चेक बुक, 131 एटीएम कार्ड, 114 सिम कार्ड, 7 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 61 मोबाइल फोन और 39,670 नकद शामिल हैं।
घटना के संबंध में थाना बिसरख ने मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देशभर में कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी धनराशि का पता लगाने के साथ गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुट गई है। -आईएएनएस

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