Why was Pulkit Samrat the perfect choice for Glory? Director Karan Anshuman explains-m.khaskhabar.com
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ग्लोरी के लिए पुलकित सम्राट क्यों थे परफेक्ट चॉइस? जानिए निर्देशक करण अंशुमान की ज़ुबानी

khaskhabar.com: सोमवार, 11 मई 2026 3:37 PM (IST)
ग्लोरी के लिए पुलकित सम्राट क्यों थे परफेक्ट चॉइस? जानिए निर्देशक करण अंशुमान की ज़ुबानी
बॉलीवुड डेस्क। मुंबई 'ग्लोरी' सीरीज़ में जहां पुलकित सम्राट के अभिनय से दर्शक प्रभावित हैं, वहीं उससे ज़्यादा प्रभावित पुलकित को 'ग्लोरी' में निर्देशित करनेवाले फिल्मकार करण अंशुमन हैं। पुलकित के परफॉर्मेंस और समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे फिल्मकार करण अंशुमन का कहना है कि पुलकित उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जिन्होंने इस सीरीज़ की कठिन तैयारी और पूरी प्रक्रिया के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले ये जोड़ी 'बैंगिस्तान' में भी साथ काम कर चुकी है। करण की मानें तो यही वजह है कि उन्होंने ‘ग्लोरी’ के लिए पुलकित को चुना क्योंकि उन्हें पता था कि अभिनेता इस किरदार में भावनात्मक ईमानदारी और पूरी मेहनत दोनों लेकर आएंगे। पुलकित को इस भूमिका के लिए चुनने के बारे में बात करते हुए करण ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने उन्हें इसलिए अप्रोच किया था, क्योंकि मुझे ऐसा इंसान चाहिए था जो इस किरदार के लिए अपना सब कुछ दे सके। मुझे यह भी पता था कि उनके लिए यह एक बेहद नया और ताज़गी भरा बदलाव होगा और वह इस किरदार को पूरी तरह अपनाएंगे और पुलकित ने बिल्कुल वैसा ही किया भी।”
बॉक्सिंग ट्रेनिंग पर बात करते हुए करण ने यह भी कहा कि ‘ग्लोरी’ सिर्फ बॉक्सिंग और एक्शन ट्रेनिंग के जरिए शारीरिक बदलाव की मांग नहीं करती थी, बल्कि इसमें भावनात्मक गहराई, धैर्य और रचनात्मक प्रक्रिया में पूरी भागीदारी भी जरूरी थी, जो उन्हें पुलकित में स्वाभाविक रूप से दिखाई दी।
करण कहते हैं, "आज की तेज़ रफ्तार इंडस्ट्री में ऐसे कलाकार बहुत कम मिलते हैं, जो तैयारी के लिए इतना लंबा समय दे सकें। ज़्यादातर स्टार्स के पास इतना समय ही नहीं होता कि वे हर चीज़ की डिटेल में जाकर तैयारी कर पाएं। सच कहूँ तो मुझे कोई ऐसा चाहिए था जो 24x7 इस प्रक्रिया का हिस्सा बने। ऐसे में पुलकित ने रिहर्सल, वर्कशॉप और स्क्रिप्ट रीडिंग्स में खुद को पूरी तरह झोंक दिया और सेट पर जाने से पहले किरदार के हर पहलू को समझने में अनगिनत घंटे लगाए, जो वाकई काबिले तारीफ़ है। हालांकि ऐसा नहीं था कि हमने एक बार स्क्रिप्ट पढ़ी और आगे बढ़ गए। हमने उसे बार-बार किया।
यह पुलकित की ही ईमानदारी है, जिसने पूरी प्रक्रिया को और बेहतर बना दिया। यही वजह है कि पुलकित के एक्शन सीक्वेंस और फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन की जितनी चर्चा है, उतनी ही चर्चा पुलकित के भावनात्मक और संवेदनशील दृश्यों की भी है, जिसने सबसे गहरा असर छोड़ा है।" तैयारी के महत्व पर जोर देते हुए करण ने यह भी कहा कि जिस दबाव वाले माहौल में हम शूटिंग करते हैं, उसमें चीज़ों को सही करना आसान नहीं होता।
आपको पहले से पूरी तरह तैयार रहना पड़ता है, जिससे शूटिंग के बाद संतुष्टि हो कि जो आपने सोचा था, वैसा ही हुआ। वैसे तो सभी ने बेहद ईमानदारी से काम किया, लेकिन विशेष रूप से बॉक्सर के रूप में पुलकित ने जिस अनुशासन और भावनात्मक परिपक्वता के साथ काम किया, उससे उनका यह परफॉर्मेंस, उनके करियर का सबसे दमदार किरदार बन गया।

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