जब जीवन उलझा हो, तो शब्द ही जमीन देते हैं : लिसा रे

बता दें कि अपनी पोस्ट में लिसा ने एक कविता भी शेयर की, जो सुबह-सुबह उनके मन में आई। वहीं, अभिनेत्री ने बिना किसी बदलाव के इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। अभिनेत्री ने बताया कि ये कविता खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जो अस्थिर परिस्थितियों में जी रहे हैं।
अभिनेत्री ने लिखा, "मेरे पति का पालन-पोषण लेबनान में हुआ, जहां ऊपर से मिसाइलें गिरती रहती थीं। यह कविता उनके साहस, परिवार की दृढ़ता और दुनियाभर के उन परिवारों के लिए है, जिनकी सामान्य जिंदगी में सायरन की आवाज हमेशा शामिल रही है।
लिसा ने कविता की एक खास पंक्ति सभी के साथ शेयर की। उन्होंने लिखा, "जब आप पंखुड़ियों की ओर हाथ बढ़ाते हैं और सिर गायब होता है।"
अभिनेत्री ने बताया कि ये पंक्ति उनकी बहन के आने वाले उपन्यास 'द फर्स्ट हाउस' से प्रेरित है। अभिनेत्री ने लिखा, "कला एक-दूसरे से जुड़ती है और हम दूसरे के शब्दों से साहस लेते हैं।
अंत में उन्होंने संदेश देते हुए लिखा, "अगर समय अनिश्चितताओं से भरा है, तो इसका जवाब सृजन से दें, सहानुभूति से दें, और आवाज उठाकर दें।
लिसा रे ने बताया कि उनकी कविता की किताब जल्द ही रिलीज होने वाली है। उन्होंने लोगों से इसे प्री-ऑर्डर करने की अपील की और कहा कि वे मानती हैं यह साल की सबसे चर्चित किताबों में से एक होगी।
--आईएएनएस
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