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'संगीत में कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं,' एआर रहमान के बयान पर सिंगर शान ने रखा अपना पक्ष

khaskhabar.com: शनिवार, 17 जनवरी 2026 11:30 AM (IST)
'संगीत में कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं,' एआर रहमान के बयान पर सिंगर शान ने रखा अपना पक्ष
मुंबई । बॉलीवुड के बेहतरीन संगीतकारों में शुमार ए. आर. रहमान अपने 'कम्युनल' वाले बयान को लेकर घिरे हुए हैं। राजनीति से लेकर हिंदी सिनेमा के बड़े सिंगर्स और साधु-संत भी इस मुद्दे पर अपनी राय दे चुके हैं। अब हिंदी सिनेमा के तीन बड़े सिंगर्स- शान, शंकर महादेवन और अनूप जलोटा ने अपनी बात रखी है। सिंगर शान का कहना है कि उन्हें भी कई सालों तक काम नहीं मिला है, लेकिन उन्होंने इसे कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिया है। गायक ए. आर. रहमान के बयान पर बॉलीवुड गायक शान ने कहा, “लोगों की अपनी-अपनी राय होती है, और वे हमेशा बंटे रहेंगे। यह कोई नियम नहीं है कि सबकी राय एक जैसी हो। लेकिन हमें इसे ज़रूरत से ज़्यादा महत्व नहीं देना चाहिए, क्योंकि हर गाने के पीछे एक सोच होती है। संगीतकार या निर्माता अपनी सोच के आधार पर निर्णय लेते हैं। कुछ लोग कहेंगे कि यह सही है, तो कुछ कहेंगे कि यह गलत है। हमें इसमें क्यों उलझना चाहिए? इसमें उलझने से कोई फायदा नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, "काम न मिलने की बात हो, तो मैं यहीं आपके सामने खड़ा हूं। मैंने इतने सालों में इतना कुछ गाया है, फिर भी कभी-कभी मुझे भी काम नहीं मिलता। लेकिन मैं इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लेता। हर किसी की अपनी सोच और अपनी पसंद होती है। हमें कितना काम मिलेगा, यह हमारे हाथ में नहीं है। जो भी काम मिले, उसे अच्छे से करना चाहिए। रहमान को जो भी काम मिलता है, उसमें उनकी खास शैली झलकती है। वे एक बेहतरीन संगीतकार हैं, और उनके प्रशंसकों की संख्या कम नहीं हुई है, बल्कि बढ़ रही है।"
सिंगर ने आगे कहा कि अगर ऐसी कोई समस्या होती, तो मुझे नहीं लगता कि संगीत में कोई सांप्रदायिक या अल्पसंख्यक पहलू है। संगीत इस तरह से काम नहीं करता। अगर ऐसा होता, तो पिछले 30 सालों के हमारे तीन सुपरस्टार, जो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, इतनी तरक्की नहीं कर पाते। ऐसा नहीं है।
वही गायक अनूप जलोटा ने कहा, "यह बिलकुल गलत है। उन्होंने 25 वर्षों का काम मात्र पांच वर्षों में कर दिखाया है। इससे अधिक और क्या कहा जा सकता है? उन्होंने बहुत मेहनत की है और कई उत्कृष्ट परियोजनाएं पूरी की हैं। फैंस के दिल में उनके लिए बहुत इज्जत है और ये सम्मान हमेशा बरकरार रहेगा।"
वहीं भारतीय गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने कहा, “मैं आपकी बात समझता हूं और मैं कहना चाहूंगा कि गीत का निर्माण करने वाला और गीत को रिलीज़ या प्रचारित करने का निर्णय लेने वाले दो अलग-अलग व्यक्ति होते हैं। अक्सर, ये निर्णय लेने वाले लोग संगीत से जुड़े नहीं होते। जो हम चाहते हैं वह सामने नहीं आता, क्योंकि कोई और हमारे लिए निर्णय लेता है।”
--आईएएनएस

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