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कश्मीर से संदीपा धर का है पुराना नाता, तस्वीरों के साथ साझा कीं भावुक यादें

संदीपा के लिए यह अपने परिवार की यादों में सीधे कदम रखने जैसा अनुभव रहा। उनकी यात्रा कश्मीर के कई प्रतीकात्मक स्थलों से भी होकर गुज़री, जिनमें नगीन झील, चश्मे शाही, निशात गार्डन, पहलगाम और गुलमर्ग शामिल है। उन्होंने यह भी लिखा है, “मैंने नगीन झील पर शिकारा चलाया, चश्मे शाही का मीठा झरने का पानी पिया, और निशात गार्डन, पहलगाम और गुलमर्ग में घूमी… वे जगहें जो मेरे परिवार की यादों में तीस साल से ज़िंदा थीं।" हालाँकि जगहें समय के साथ बदल चुकी हैं लेकिन संदीपा के अनुसार भावनाओं की डोर वैसी ही है।
उन्होंने लिखा है, “सब कुछ बदल गया है और फिर भी कुछ नहीं बदला। बागान अब उतने भरे नहीं, घर खाली खड़ा है… पर अजीब तरह से लगा कि मैं हमेशा से यहीं की हूँ।” अपनी सबसे गहरी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा है, “यह अजीब है कि एक जगह जिसे आप मुश्किल से जानते हों, वह आपके हिस्से अपने भीतर संभाले रखे। पता नहीं मैं फिर कब लौटूंगी, पर इन चंद दिनों में अपने परिवार के अतीत के बीच रहना ऐसा था जैसे किसी ऐसे घर लौट आई हूँ, जिसकी कमी मुझे अभी तक समझ ही नहीं आई थी।”
संदीपा धर के लिए कश्मीर की यह यात्रा सिर्फ एक होमकमिंग नहीं थी, बल्कि अपने इतिहास, अपनी जड़ों और उस पहचान को फिर से छू लेने का अनुभव थी, जो वर्षों और दूरी के पार उनका इंतज़ार कर रही थी।
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