Rati Agnihotri, a celestial nymph descended from heaven, made her mark in Bollywood, making every role special with hard work-m.khaskhabar.com
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स्वर्ग से उतरी अप्सरा: रति अग्निहोत्री ने बॉलीवुड में जमाई धाक, हर भूमिका को मेहनत से बनाया खास

khaskhabar.com: मंगलवार, 09 दिसम्बर 2025 11:20 PM (IST)
स्वर्ग से उतरी अप्सरा: रति अग्निहोत्री ने बॉलीवुड में जमाई धाक, हर भूमिका को मेहनत से बनाया खास
मुंबई। बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से कलाकार आते हैं, और कुछ अपनी मेहनत और लगन से ऐसे मुकाम पर पहुंचते हैं कि लोग उन्हें लंबे समय तक याद रखते हैं। रति अग्निहोत्री भी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं। एक समय में वह खूबसूरती और अभिनय के लिए जानी जाती थीं, लोग उनकी 'स्वर्ग से उतरी अप्सरा' कहकर तारीफें किया करते थे। लेकिन समय के साथ उनकी जिंदगी में कई बदलाव आए। बड़े पर्दे पर सुपरस्टार बनने के बाद, उन्होंने साइड रोल करना शुरू किया। उनकी खासियत यही रही कि चाहे स्क्रीन पर रोल बड़ा हो या छोटा, उन्होंने हमेशा अपना 100 प्रतिशत दिया। रति अग्निहोत्री का जन्म 10 दिसंबर 1960 को उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पंजाबी परिवार में हुआ। बचपन से ही उन्हें अभिनय और मॉडलिंग का बहुत शौक था। महज 10 साल की उम्र में उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था। उनकी मेहनत और टैलेंट को देखते हुए, उन्हें 16 साल की उम्र में तमिल फिल्म 'पुदिया वरपुकल' में काम करने का मौका मिला। इसके साथ ही रति ने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही पहचान बना ली।
उनकी पहली तमिल फिल्म ही ब्लॉकबस्टर साबित हुई और इसके बाद उन्हें कई तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। उन्होंने कई बड़े सितारों जैसे कमल हासन, रजनीकांत और चिरंजीवी के साथ काम किया। हिंदी फिल्मों में उनकी एंट्री 1981 में फिल्म 'एक दूजे के लिए' से हुई। इस फिल्म में उन्होंने कमल हासन के साथ स्क्रीन साझा की और यह फिल्म हिट रही। इस फिल्म ने रति को रातों-रात स्टार बना दिया। उनके अभिनय को खूब सराहा गया और उन्हें पहली बार फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन भी मिला।
1980 के दशक में रति ने 'कुली', 'तवायफ', 'मैं आवारा हूं', 'अय्याश', 'शौकीन', 'मुझे इंसाफ चाहिए', 'मेरा फैसला', 'पसंद अपनी अपनी' और 'फर्ज और कानून' समेत कई शानदार हिंदी फिल्मों में काम किया। उनका करियर तेजी से ऊंचाइयों पर पहुंचा। लेकिन 1985 में उन्होंने आर्किटेक्ट अनिल विरवानी से शादी कर ली और फिल्मों से दूरी बना ली। इस फैसले के पीछे उनकी शादी और परिवार को प्राथमिकता देना था। हालांकि, शादी के बाद भी उन्हें कई फिल्मों के ऑफर आए, लेकिन उन्होंने सिर्फ चुनिंदा साइड रोल ही किए।
2001 में रति ने फिल्म 'कुछ खट्टी कुछ मीठी' से फिल्मों में वापसी की। इसके बाद उन्हें बड़े रोल की बजाय साइड रोल ही मिले, लेकिन उन्होंने हर रोल को पूरी मेहनत और लगन से निभाया। उन्होंने 'ये है जलवा', 'क्रांति', 'देव', 'क्यों हो गया ना...', 'दिल ने जिसे अपना कहा', 'हम तुम' और 'पहचान' जैसी फिल्मों में साइड रोल कर अपनी अलग पहचान बनाई। रति को उनके करियर के दौरान कई पुरस्कारों के लिए नॉमिनेशन मिला। उनके बेटे तनुज विरवानी भी अब अभिनय में करियर बना रहे हैं। -आईएएनएस

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