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राकेश रोशन ने अपनी काबिलियत से दर्शकों पर छोड़ी अमिट छाप, फिल्म 'खुदगर्ज' ने तोड़ा था दिल

पिता-पुत्र की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर खूब सुर्खियां बटोरी। इसके बाद राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक के साथ 'क्रिस', 'कोई मिल गया' जैसी फिल्में बनाईं। इन फिल्मों ने भी कमाल किया और दर्शकों को खूब पसंद आईं। वे अपनी सभी फिल्मों के नाम 'के' से रखते हैं। वे इसे शुभ मानते हैं।
राकेश रोशन के सिर पर बाल नहीं होने के पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्प है। वर्ष 1987 में आई फिल्म 'खुदगर्ज' से उनको काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस फिल्म ने उनको काफी निराश किया। यह फिल्म दर्शकों के दिलों पर छाप नहीं छोड़ पाई थी। उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर यह फिल्म हिट होगी तो तिरुपति बाला जी में बाल दान करेंगे। फिल्म हिट नहीं हुई तो उन्होंने कसम खा ली कि वे हमेशा गंजे ही रहेंगे।
--आईएएनएस
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