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समाज की जड़ में है पितृसत्तात्मक सोच, समाज आज भी दोहरे मानदंड अपनाता है : माधुरी दीक्षित

फिल्म में महिलाओं को मजबूत और पारंपरिक नियमों को तोड़ने वाला किरदार दिया गया है। उन्होंने जोर दिया कि हर महिला सम्मान और गरिमा के साथ जीने की हकदार है।
माधुरी ने बताया, “इस फिल्म में हमने समाज द्वारा बनाए गए हर नियम को तोड़ा है और हमें इसमें मजा भी आया। किरदार बहुत उलझे हुए हैं, लेकिन बेहद असली हैं। आप खुद से जुड़ाव महसूस करेंगे।”
‘मां बहन’ का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। इसमें माधुरी दीक्षित रेखा नाम की मां का किरदार निभा रही हैं। कहानी रेखा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहले से कई मुश्किलों से जूझ रही होती है। अचानक उसके किचन में एक लाश मिल जाती है। अपनी दो बेटियों जिम्मेदार जया और बेबाक सुष्मा के साथ वह इस मुसीबत से निपटने के लिए तेजी से सोचती है, झूठ बोलती है और पड़ोसियों से सच छुपाती है।
फिल्म में माधुरी के साथ तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा, रवि किशन, गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म फिलहाल नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।
--आईएएनएस
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