'इंस्पेक्टर अविनाश' में विजुअल परफेक्शन से ज्यादा भावनात्मक ईमानदारी जरूरी : उर्वशी रौतेला

उन्होंने कहा, "लोग अक्सर मुझसे हर फ्रेम, हर एक्सप्रेशन और हर पल में परफेक्शन की उम्मीद करते हैं, क्योंकि मेरी छवि ग्लैमरस रही है। लेकिन 'इंस्पेक्टर अविनाश' जैसे प्रोजेक्ट विजुअल परफेक्शन से ज्यादा भावनात्मक ईमानदारी मांगती हैं।"
एक्ट्रेस ने कहा कि इस किरदार के लिए उन्होंने खुद को ज्यादा 'प्रेजेंट' रखने पर ध्यान दिया उर्वशी ने कहा, "असल जिंदगी में मुश्किल हालात से गुजर रहे लोग यह नहीं सोचते कि वे कैसे दिख रहे हैं। वे सिर्फ प्रतिक्रिया दे रहे होते हैं, हालात से जूझ रहे होते हैं और भावनाओं को महसूस कर रहे होते हैं। एक अभिनेता के तौर पर इस सच्चाई को समझना मेरे लिए बेहद जरूरी था।"
उर्वशी ने यह भी कहा कि संयमित अभिनय यानी कम शब्दों और शांत अभिनय के जरिए भावनाएं दिखाना ज्यादा मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, "मौन, स्थिरता और नियंत्रित भावनाएं के लिए अलग तरह का आत्मविश्वास चाहिए होता है। कई बार कम करके सच दिखाना, ज्यादा ड्रामेटिक होने से भी कठिन होता है।"
उर्वशी ने कहा, "एक कलाकार के तौर पर, यह उनके लिए यकीनन आजादी देने वाला अनुभव था, क्योंकि इसने मुझे हर पल अपनी इमेज बनाए रखने के दबाव के बिना, अपनी भावनाओं को दिखाने का मौका दिया।"
बता दें कि 'इंस्पेक्टर अविनाश' पहली बार साल 2023 में रिलीज हुई थी। इस सीरीज में रणदीप हुड्डा मुख्य भूमिका में हैं। यह शो यूपी के सुपरकॉप अविनाश मिश्रा की जिंदगी और सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसमें राज्य में अपराध रोकने की कहानी दिखाई गई है। वर्कफ्रंट की बात करें तो उर्वशी रौतेला आखिरी बार फिल्म 'डाकू महाराज' में नजर आई थीं।
--आईएएनएस
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