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जन्माष्टमी पर राधा बनीं हेमा मालिनी, 'राधा रास बिहारी' में दिखा ड्रीम गर्ल का खूबसूरत अंदाज

'राधा रास बिहारी' हेमा मालिनी की चर्चित नृत्य प्रस्तुतियों में से एक है। इसमें राधा और कृष्ण के रिश्ते, प्रेम और भक्ति को शास्त्रीय नृत्य के जरिए मंच पर दिखाया जाता है। उन्होंने अपने करियर में कई बार इस बैले को पेश किया है। उनके लिए यह भारतीय संस्कृति और कृष्ण भक्ति से जुड़ा एक भावनात्मक सफर है।
बता दें कि हेमा मालिनी ने महज पांच साल की उम्र में भरतनाट्यम सीखना शुरू कर दिया था। उनकी मां जया चक्रवर्ती ने बेटी के इस हुनर को पहचान लिया था और उनके नृत्य करियर को आगे बढ़ाने में पूरी तरह साथ दिया। हेमा का बचपन दिल्ली में बीता और छोटी उम्र से ही उन्होंने मंच पर नृत्य प्रस्तुतियां देना शुरू कर दिया था।
भरतनाट्यम की ट्रेनिंग के बाद हेमा मालिनी ने कुचिपुड़ी भी सीखा। उन्होंने चेन्नई में मशहूर गुरु वेम्पति चिन्ना सत्यम से प्रशिक्षण लिया।
हेमा मालिनी की डांस जर्नी से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस रेखा से भी जुड़ी है। हाल ही में 'इंडियन आइडल' में हेमा ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था कि जब वह चेन्नई में भरतनाट्यम की ट्रेनिंग ले रही थीं और गुरु वेम्पति चिन्ना सत्यम से कुचिपुड़ी सीख रही थीं, तब रेखा भी उन्हीं डांस क्लासेज में आया करती थीं।
उन्होंने बताया कि रेखा बचपन में काफी शरारती थीं और कई बार रिहर्सल के बीच से भाग जाया करती थीं। ऐसे में गुरुजी के लिए उन्हें पकड़ना भी आसान नहीं होता था।
समय के साथ हेमा मालिनी ने नृत्य को बड़े मंच तक पहुंचाया और कई यादगार डांस बैले तैयार किए। उन्होंने 'दुर्गा', 'मीरा', 'रामायण', 'सावित्री', 'राधा कृष्ण' और 'राधा रास बिहारी' जैसी प्रस्तुतियों के जरिए पौराणिक और आध्यात्मिक कहानियों को शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से पेश किया।
--आईएएनएस
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