सलमान खान की सलाह से लेकर अनीस बज्मी की मंजूरी तक: ऐसे हुई कुब्रा सैत की फिल्म ‘रेडी’ से बड़ी शुरुआत

कुब्रा आगे बताती हैं, "हालांकि उस दौरान हर किसी ने मुझसे कहा कि मैं पागल हूं, अधीर हूं, जो ‘रेडी’ में सुनैना कपूर का इतना छोटा रोल कर रही हूं। लेकिन अगर मैंने ‘रेडी’ नहीं की होती, अगर मैं इतनी ‘पागल’ नहीं होती, तो शायद मैं कभी ‘कुकू’ नहीं बन पाती। कभी मत कहो कि कोई रोल छोटा है। छोटे रोल नहीं होते, छोटे कलाकार होते हैं।”
कुब्रा ने खुलकर बताया कि उनके आसपास कई लोगों को लगता था कि इतनी बड़ी कमर्शियल फिल्म में छोटा किरदार स्वीकार करना सही फैसला नहीं है। लेकिन अभिनेत्री का मानना है कि यही फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उनके अनुसार, अगर उन्होंने उस समय यह मौका नहीं लिया होता, तो शायद उन्हें आगे चलकर ‘कुकू’ जैसा आइकॉनिक किरदार निभाने का अवसर भी नहीं मिलता।
अपनी कहानी के अंत में कुब्रा ने उभरते कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी भूमिका को छोटा नहीं समझना चाहिए। एक दशक बाद भी वह 'रेडी' को अपने अभिनय सफर का सबसे अहम पड़ाव मानती हैं।
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