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छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद दिलजीत दोसांझ ने जताई चिंता, नोट में लिखा- सरकार सुने छात्रों की मांग

अभिनेता ने अपने नोट में लिखा, "जो हुआ, वह बहुत गलत था। छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए था। मैं अधिकारियों से अपील करता हूं कि वे छात्रों की मांगों को सुनें। लोगों की आवाज ही भगवान की आवाज होती है।"
उन्होंने लिखा, "मुझे पहले भी देशविरोधी कहा जा चुका है और अब भी शायद ऐसा ही कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे काफी विरोध और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में मैं अभी बात भी नहीं कर सकता। अब आगे जो होगा, उसे भगवान ही संभालेंगे।"
अभिनेता सोनू सूद ने भी सोमवार के घटनाक्रम पर दुख जाहिर करते हुए लिखा, "हमारे छात्रों को लाठियां नहीं, गले लगाने वाले हाथ चाहिए।"
वहीं, अभिनेत्री आयशा अहमद ने भी इंस्टाग्राम पर नोट जारी करते हुए लिखा, "प्रदर्शन के दौरान सामने आए दृश्य बहुत दुखद और दिल दहला देने वाले हैं। मेरे कुछ दोस्त वहां मौजूद थे, जिन्होंने बताया कि प्रदर्शन में लोग शांतिपूर्ण तरीके से सम्मान के साथ और अनुशासन में रहकर अपनी बात रख रहे थे। फिर भी जो कुछ हुआ, वह हो गया।
उन्होंने लिखा, "मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि वहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति पर मुझे बहुत गर्व है। लंबे समय बाद पहली बार मुझे अपने देश के भविष्य को लेकर थोड़ी कम निराशा महसूस हो रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि आज जिन लोगों ने तकलीफें झेलीं, उनका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा। कई ऐसे लोग, जो हमेशा खुद को 'राजनीति से दूर' रखते थे, उन्होंने भी अब अपनी आवाज उठाई है। भले ही कुछ लोगों ने शुरुआत सामाजिक दबाव के कारण की हो, फिर भी यह एक सकारात्मक कदम है। आज मेरे मन में गर्व, दुख और गहरी शर्मिंदगी है।
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