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बिटकॉइन घोटाला मामले में कोर्ट ने राज कुंद्रा को जारी किया समन

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि कुंद्रा ने इस लेनदेन में केवल मध्यस्थ होने का दावा किया, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
ईडी ने बताया कि 'टर्म शीट' नामक समझौता राज कुंद्रा और महेंद्र भारद्वाज के बीच हुआ था, जिससे यह साफ होता है कि असली समझौता राज कुंद्रा और अमित भारद्वाज के बीच ही था। चार्जशीट में कहा गया है कि कुंद्रा का केवल मध्यस्थ होने का दावा मान्य नहीं है।
जांच एजेंसी का कहना है कि लेनदेन को सात साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज कुंद्रा को पांच अलग-अलग किस्तों में मिले बिटकॉइन की सही संख्या याद है। इससे यह साबित होता है कि वे बिटकॉइन के वास्तविक लाभार्थी थे, न कि सिर्फ मध्यस्थ।
ईडी ने आरोप लगाया कि 2018 से अब तक कई मौके दिए जाने के बावजूद राज कुंद्रा उन वॉलेट एड्रेस की जानकारी नहीं दे सके, जिनमें 285 बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे। कुंद्रा ने इसके लिए अपने आईफोन एक्स के क्षतिग्रस्त होने को कारण बताया। वहीं ईडी ने इसे जानबूझकर सबूत नष्ट करने और अपराध से अर्जित धन को छिपाने का प्रयास बताया है।
अदालत ने अब मामले में समन जारी कर दोनों आरोपियों से जवाब मांगा है।
--आईएएनएस
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