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सिक्किम के 'क्लाइमेट-फर्स्ट' मॉडल की फैन हुईं भूमि पेडनेकर

नाथुला यात्रा के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि इस अनुभव ने उनके मन में भारतीय सशस्त्र बलों के बलिदानों के प्रति सम्मान को और भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा, "मैं एक देशभक्त इंसान हूं और सीमा पर जाने को लेकर बहुत उत्साहित थी। वहां जाने के बाद एहसास होता है कि हमारे सशस्त्र बल हमारे लिए कितना कुछ करते हैं और हम बदले में कितना कम करते हैं। जब भी मैं सशस्त्र बलों के जवानों से मिलती हूं, तो मैं खुद को उनका बहुत ऋणी और आभारी महसूस करती हूं।"
उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाकों में तैनात अधिकारियों से बातचीत करने और इस क्षेत्र के इतिहास के बारे में जानने से उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ।
एक्ट्रेस ने सिक्किम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि के बारे में भी बात की और कहा कि उन्होंने जिन भी जगहों का दौरा किया, उनकी अपनी कहानी, लोककथाएं और परंपराएं थीं। मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि सिक्किम के हर क्षेत्र की अपनी एक अलग कहानी है। हमने बाबा हरभजन सिंह मंदिर के दर्शन किए।
भूमि पेडनेकर ने आगे बताया कि राज्य के शांत माहौल ने उन्हें ध्यान का एक बहुत गहरा अनुभव दिया। मैंने अपने दोस्तों को बताया कि मुझे ध्यान करने का सबसे अच्छा अनुभव यहीं हुआ है। क्योंकि इस जगह की ऊर्जा और वाइब्रेशन बहुत खास हैं। पहले से कहीं ज्यादा हमें ऐसी नीतियों की जरूरत है जो पर्यावरण को सबसे पहले रखें। दूसरे राज्यों को सिक्किम के कामों से प्रेरणा लेनी चाहिए, चाहे वह सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक हो या प्रकृति के प्रति आम लोगों की संवेदनशीलता और प्यार। न सिर्फ भारत के दूसरे राज्य, बल्कि दुनिया भर के इलाके भी पर्यावरण संरक्षण के मामले में सिक्किम के तौर-तरीकों को अपनाएंगे। मुझे सच में उम्मीद है कि मुझे यहां फिल्म करने और सिक्किम वापस आने का मौका मिलेगा।
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