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जया बच्चन विवाद पर बोले आशुतोष राणा, 'ईश्वर ने सबको समान बनाया है, इसलिए सम्मान भी बराबर मिलना चाहिए'

उन्होंने कहा, ''ईश्वर ने सभी को एक ही तरह बनाया है। किसी को कम या ज्यादा समझना गलत है। हम सभी समान हैं, इसलिए सम्मान भी बराबर मिलना चाहिए। जब हम यह समझते हैं कि दूसरे की भी एक पहचान और अस्तित्व है, तो हम ज्यादा बेहतर तरीके से व्यवहार करते हैं।''
दूसरी ओर, आईटीए (इंडियन टेलीविजन एकेडमी) के फाउंडर और अभिनेता शशि रंजन ने जया बच्चन के बयान पर साफ शब्दों में असहमति जताई।
उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, ''मैं जया बच्चन की राय का सम्मान करता हूं, लेकिन उनसे सहमत नहीं हूं। हर व्यक्ति अपनी सोच रख सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि पैपराजी इंडस्ट्री का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें इस तरह से निशाना बनाना उचित नहीं है। मैं मानता हूं कि पैपराजी सुर्खियों का पीछा जरूर करते हैं, लेकिन वे भी अपना काम ही कर रहे होते हैं और उनकी मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।''
अभिनेत्री अमीषा पटेल ने पैपराजी की तारीफ की और कहा, ''मुझे पैपराजी और मीडिया से बहुत प्यार है, क्योंकि वे बेहद मेहनती और समर्पित होते हैं। चाहे कड़ी धूप हो, भारी बारिश हो या फिर कड़ाके की ठंड, पैपराजी हमेशा अपने काम पर डटे रहते हैं। मैं मीडिया की इस कर्मठता की कद्र करती हूं। इस पेशे में काम करने वाले लोग दर्शकों तक सही और रोचक खबरें पहुंचाने का प्रयास करते हैं।''
जब आईएएनएस ने उनसे जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, तो अमीषा ने कहा कि हर किसी को अपनी राय रखने का हक है, लेकिन उनकी निजी भावना हमेशा पैपराजी के साथ है।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक कार्यक्रम में जया बच्चन ने पैपराजी पर तंज कसते हुए कहा कि उनका उनसे कोई संबंध नहीं है और वे उनकी मौजूदगी से परेशान होती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये लोग किस तरह की शिक्षा रखते हैं, उनका बैकग्राउंड क्या है, और वे किस तरह की भाषा और व्यवहार अपनाते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि कई पैपराजी बेहद अनौपचारिक कपड़े पहनकर सिर्फ मोबाइल फोन लेकर तस्वीरें खींचते हैं और मनचाहे कमेंट करते हैं।
--आईएएनएस
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