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अनुपम खेर ने बुजुर्गों के सम्मान पर दिया जोर, कहा- युवाओं के पास रफ्तार, बड़ों के पास तजुर्बा

अभिनेता ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "कभी-कभी युवाओं को लगता है कि उन्हें सब पता है। लेकिन बुजुर्गों को पता है कि सब किसी को नहीं पता है। यही उम्र सिखाती है कि बुजुर्ग किसी समाज का बोझ नहीं है ये एक चलता फिरता इतिहास है। इसलिए किसी इंसान को किसी वजह से उसे इर्रेलेवेंट मत कहें।"
अभिनेता अनुपम खेर ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, "टाइमलेस गोल्डन एनर्जी। जवानी के पास जोश, रफ्तार और खुद को रेलिवेंट या महत्वपूर्ण महसूस करने की एक अद्भुत ताकत है, लेकिन अनुभव अपने आप में एक पावरहाउस है। नारायण मूर्ति, किरण मजूमदार-शॉ, नंदन नीलेकणी, आनंद महिंद्रा, मेरिल स्ट्रीप और जेम्स कैमरून और ना जाने और कितने, सभी 70 की उम्र पार कर चुके हैं और आज भी लगातार कुछ नया रच रहे हैं, दुनिया को दिशा दे रहे हैं। इसलिए बुज़ुर्गों को 'बेकार' या 'अब किस काम के' समझना सिर्फ बदतमीजी नहीं, बेवकूफी भी है। इंसान की काबिलियत की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। जवानी को शायद नया रास्ता जल्दी मिल जाता है, लेकिन अनुभव को मालूम होता है कि आगे मोड़ कहां आने वाला है! जय हो।"
--आईएएनएस
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