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2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों को नई रफ्तार, पीएम ई-ड्राइव और पीएलआई से बढ़ा ईवी मार्केट

इस योजना के तहत 3,679 करोड़ रुपए की राशि सब्सिडी के लिए रखी गई है, ताकि 28 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जा सकें। इसमें 24.79 लाख दोपहिया, 3.28 लाख तिपहिया और 5,643 इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल हैं।
इसके अलावा 4,391 करोड़ रुपए की राशि से 14,028 इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन के लिए खरीदी जाएंगी, ताकि शहरों में प्रदूषण कम हो सके।
31 दिसंबर 2025 तक इस योजना के तहत 1,703.32 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है और 21.36 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जा चुके हैं।
सरकारी कंपनी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) ने 10,900 इलेक्ट्रिक बसों की निविदा पूरी की है। ये बसें दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे पांच बड़े शहरों में पहले चरण में चलाई जाएंगी।
सरकार इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने की योजना भी लागू कर रही है, जिसे 15 मार्च 2024 को अधिसूचित किया गया था, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेश लाना, भारत को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र बनाना और देश में अधिक रोजगार पैदा करना है।
इस योजना में शामिल कंपनियों को 3 साल में कम से कम 4,150 करोड़ रुपए (500 मिलियन डॉलर) का निवेश करना होगा। यह पहल 'मेक इन इंडिया' अभियान से जुड़ी है, जिससे वाहन देश में ही बनेंगे और लोगों को रोजगार मिलेगा।
--आईएएनएस
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