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जगन्नाथ मंदिर में कदम रखते ही क्यों गायब हो जाती है लाशों की गंध? जानिए रहस्य

मंदिर की वास्तुकला और देवताओं की विशेष ऊर्जा इस तरह से संतुलित है कि यह बाहरी नकारात्मक प्रभावों को भीतर आने नहीं देती। यह लगभग एक तरह का ऊर्जा कवच बनाता है। इसी वजह से मंदिर के अंदर कदम रखते ही भक्त को शांति और पवित्रता का अनुभव होता है।
मंदिर के चारों ओर की हल्की गंध, वातावरण की शांति और यहां की भव्यता एक अलग ही अनुभूति देती है। यही वजह है कि जगन्नाथ मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आत्मा और मन को शांति देने वाला स्थान भी है।
सिंहद्वार से अंदर कदम रखने पर आपको यह महसूस होता है कि मंदिर एक तरह से हर व्यक्ति को शुद्ध करने का काम करता है। चाहे आप कितनी भी चिंता लेकर आए हों या बाहरी दुनिया की कितनी भी नकारात्मकता आपके साथ हो, मंदिर के भीतर आते ही सब कुछ हल्का और शांत लगता है। यही शक्ति और रहस्य इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है।
--आईएएनएस
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