उज्जैन : भस्म आरती में हुआ बाबा का दिव्य गणेश स्वरूप शृंगार, जयघोष से गूंज उठा मंदिर

यह आरती वैराग्य और मृत्यु के सत्य का प्रतीक है। बाबा पर चढ़ने वाली भस्म कपिला गाय के कंडों की राख, पलाश, बड़, पीपल और बेर की लकड़ियों को जलाकर विशेष रूप से तैयार की जाती है। आरती के दौरान शिवलिंग पर लगभग ढाई किलो भस्म चढ़ाई जाती है, जिससे बाबा महाकाल को जगाने की परंपरा पूरी की जाती है।
बुधवार के दिन बाबा का विशेष शृंगार किया गया था। शृंगार की खास बात थी कि भगवान को वैष्णव तिलक लगाकर श्री गणेश के स्वरूप में सजाया गया। फिर, बाद में महाकाल की कपूर आरती की गई और उसके बाद उन्हें भोग लगाया गया।
भक्तों ने इस पवित्र आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य रूप का आनंद लिया। हर तरफ 'हर हर महादेव' और 'जय श्री महाकाल' के जयकारे गूंज रहे थे। मंदिर का पूरा परिसर भक्ति भाव से भर गया था।
--आईएएनएस
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