Advertisement
सावन अमावस्या पर लगेगा पूर्ण सूर्यग्रहण, भारत में नहीं आएगा नजर

12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्यग्रहण इस साल की सबसे बड़ी खगोलीय घटनाओं में शामिल है। यूरोप में वर्ष 1999 के बाद पहली बार इतना प्रभावशाली सूर्यग्रहण देखने को मिलेगा। स्पेन, आइसलैंड और ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों में पूर्ण सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाई देगा, जबकि कई अन्य देशों में आंशिक सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा। इस खगोलीय घटना को देखने के लिए दुनिया भर से बड़ी संख्या में पर्यटक और खगोल विज्ञान के शौकीन इन देशों का रुख कर रहे हैं।
स्पेन में 100 फीसदी तक ढकेगा सूर्य
स्पेन इस सूर्यग्रहण का सबसे प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। यहां कुछ क्षेत्रों में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरा जैसा वातावरण बन जाएगा। हालांकि ग्रहण शाम के समय पड़ने के कारण क्षितिज पर सूर्य का अलग दृश्य भी देखने को मिलेगा, जो इस घटना को और खास बना देगा।
ब्रिटेन में 80 से 90 फीसदी तक दिखेगा ग्रहण
यूनाइटेड किंगडम में पूर्ण सूर्यग्रहण नहीं दिखाई देगा, लेकिन यहां आंशिक सूर्यग्रहण का शानदार नजारा देखने को मिलेगा। दक्षिण-पश्चिम ब्रिटेन सहित कई इलाकों में चंद्रमा सूर्य के लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा। इससे दिन के समय रोशनी में कमी महसूस होगी और तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अगले साल और भी खास होगा सूर्यग्रहण
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार 2 अगस्त 2027 को लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण और भी अधिक दुर्लभ होगा। उस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा और कुछ स्थानों पर पूर्ण ग्रहण की अवधि लगभग छह मिनट तक रहेगी। यह ग्रहण यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया के कई देशों से देखा जा सकेगा।
भारत में नहीं दिखेगा सूर्यग्रहण
12 अगस्त 2026 का सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिरों के कपाट बंद करने, पूजा-पाठ पर रोक या अन्य ग्रहण संबंधी नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी। चूंकि ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए सावन अमावस्या के सभी धार्मिक और पारंपरिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
यह भी प�?े
जीवन मंत्र
Advertisement
Traffic
Features


