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अहमदाबाद में मौजूद उज्जैन महाकाल मंदिर का प्रतिरूप, रोजाना होती है भस्म आरती और शृंगार

मंदिर के बाहरी आवरण को उज्जैन मंदिर की तरह ही बनाने की कोशिश की गई है, जिसमें शिखर की ऊंची चोटी और बनावट भी देखने में एक जैसी लगती है। यह मंदिर अपने शांत वातावरण और भगवान शिव के प्रति भक्ति के साथ भक्तों को मूल मंदिर का प्रामाणिक अनुभव प्रदान करता है, हालांकि इसकी अपनी कोई विशिष्ट ऐतिहासिक जड़ें नहीं हैं, फिर भी मंदिर शिव भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
मंदिर में सुबह से लेकर शाम तक महाकाल मंदिर की तर्ज पर 4 आरती होती हैं, और सुबह की शुरुआत भस्म आरती से होती है। हर रोज पूरी भक्ति से बाबा का अद्भुत शृंगार किया जाता है। पहली भस्म आरती सुबह 4 बजे से 6 बजे तक होती है, जबकि दूसरी नैवेद्य आरती सुबह 10 से 11 बजे के बीच होती है। संध्या आरती शाम 6 बजे और शयन आरती रात 10 बजे होती है। चारों आरती में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। शिवरात्रि और सावन के महीने में भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। -आईएएनएस
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