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भारत ही नहीं, इंडोनेशिया में भी गूंज रहा गणपति बप्पा का नाम, ज्वालामुखी के किनारे 700 साल से विराजमान विघ्नहर्ता

माउंट ब्रोमो पर गणेश जी की यह प्रतिमा यहां रहने वाले लोगों की विश्वास का प्रतीक है। स्थानीय लोग मानते हैं कि गणेश जी इस खतरनाक ज्वालामुखी से आसपास के गांवों की रक्षा करते हैं। इसलिए यहां भगवान गणेश को एक तरह से संरक्षक के रूप में भी देखा जाता है। भक्त यहां फूल, फल और अन्य सामग्री चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं और इलाके की खुशहाली की कामना करते हैं। यह आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है।
इंडोनेशिया में हिंदू संस्कृति का इतिहास बहुत पुराना है। भले ही आज देश की आबादी में हिंदुओं की संख्या कम है, लेकिन हिंदू धर्म और संस्कृति का असर देश के कई हिस्सों में साफ दिखाई देता है। खासकर बाली और जावा के कुछ इलाकों में मंदिर, धार्मिक परंपराएं और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यताएं आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा हैं। तेंगर समुदाय भी ऐसी ही पुरानी परंपराओं को बचाकर रखे हुए है।
इंडोनेशिया के पर्यटन विभाग के अनुसार, ब्रोमो इलाके के कई स्थानीय लोग हिंदू मान्यताओं को मानते हैं और ब्रह्मा, विष्णु और शिव सहित हिंदू परंपरा के देवताओं की पूजा करते हैं। माउंट ब्रोमो करीब 800 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 2,392 मीटर है। यहां का विशाल रेत का मैदान, ज्वालामुखी का धुआं और सूर्योदय का नजारा दुनिया भर से लोगों को अपनी तरफ खींचता है।
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे ज्यादा ज्वालामुखी वाले देशों में शामिल है। यह देश प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां लगातार होती रहती हैं। ऐसे में माउंट ब्रोमो जैसे सक्रिय ज्वालामुखी के बिल्कुल करीब गणेश जी की प्रतिमा का होना स्थानीय लोगों की आस्था को और भी खास बनाता है। लोगों के लिए गणेश प्रतिमा मुश्किल हालात में विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है।
--आईएएनएस
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