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टोंस नदी किनारे बसा 9वीं सदी का चमत्कारी महासू मंदिर, जहां मिलता है हर विवाद का न्याय

उत्तराखंड के देहरादून जिले में टोंस नदी के पूर्वी तट पर हनोल गांव में स्थित प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर भगवान शिव के एक रूप महासू देवता को समर्पित एक प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है। 9वीं-10वीं शताब्दी में बने इस मंदिर का निर्माण पारंपरिक काठ-कुणी (लकड़ी और पत्थर के संलयन) और हूण स्थापत्य शैली में किया गया है। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।
लोक कथाओं के अनुसार, इस क्षेत्र में किरमिक (या किर्मिर) नामक एक अत्याचारी राक्षस का आतंक था। एक स्थानीय ब्राह्मण हूणा भाट ने अपने परिवार और क्षेत्र को बचाने के लिए भगवान शिव व शक्ति की तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव के अंशावतार के रूप में चार भाई प्रकट हुए- बोठा महासू, बासिक (वासिक), पावसी (पसिक) और चालदा महासू। इन चारों भाइयों ने मिलकर राक्षस किरमिक का वध किया और इस क्षेत्र को आतंक से मुक्त कराया।
--आईएएनएस
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