Advertisement
मां कल्याणी देवी मंदिर में शीतला अष्टमी की विशेष पूजा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

पंडित श्याम जी पाठक ने बताया कि इस परंपरा के तहत कई घरों में अष्टमी के दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता। सप्तमी को तैयार किए गए भोजन को ही पूरे दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। इसी कारण इसे बसौड़ा या बसिवटा अष्टमी भी कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि तीर्थराज प्रयाग में स्थित मां कल्याणी देवी धाम में यह परंपरा पिछले करीब 150 वर्षों से लगातार चली आ रही है। पूर्वजों के समय से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा का आज भी उसी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पालन किया जा रहा है।
शीतला अष्टमी के मौके पर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने मां कल्याणी देवी के दर्शन किए, विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया और परिवार की सुख-शांति के लिए आशीर्वाद मांगा। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
यह भी प�?े
इलाहाबाद
Advertisement
उत्तर प्रदेश से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


