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दो पहाड़ों के बीच बसा है बाबा नीम करौली का चमत्कारी धाम, लाखों भक्तों की है अटूट आस्था

नैनीताल जिले के भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित यह पावन धाम 20वीं सदी के महान संत श्री नीम करोली बाबा की दिव्य कर्मस्थली और साधना भूमि है। यहां की अलौकिक ऊर्जा और शांत वातावरण हर उस व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करता है, जो जीवन के कोलाहल से दूर आत्मिक शांति की तलाश में निकलता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्री कैंची धाम दो पहाड़ियों के बीच कैंची के आकार (घुमावदार मोड़ों) वाली घाटी में स्थित है, इसलिए इसे 'कैंची धाम' कहा जाता है। आश्रम की स्थापना 1960 के दशक (वर्ष 1964) में नीम करोली बाबा द्वारा की गई थी। 15 जून 1964 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कैंची धाम आश्रम का आधिकारिक उद्घाटन किया गया था। यहां मुख्य रूप से हनुमान जी का मंदिर है।
कैंची धाम पहले एक घना जंगल हुआ करता था, जहां संत सोमवारी महाराज और प्रेमी बाबा साधना करते थे। बाबा नीम करोली ने यहां आकर आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की और स्थानीय निवासी पूर्णानंद की दान की गई भूमि पर आश्रम बनवाया।
--आईएएनएस
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