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11 जून से शुरू होगी संगीतमय श्री भक्तमाल कथा, पांच दिवसीय आयोजन में होगा आध्यात्मिक रस का प्रवाह

khaskhabar.com: बुधवार, 10 जून 2026 11:45 AM (IST)
11 जून से शुरू होगी संगीतमय श्री भक्तमाल कथा, पांच दिवसीय आयोजन में होगा आध्यात्मिक रस का प्रवाह
जयपुर । जयपुर के शास्त्री नगर क्षेत्र स्थित श्री अमर हरि शीतल धाम में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर पांच दिवसीय संगीतमय श्री भक्तमाल कथा एवं श्रीमद्भागवत पुराण मूल पाठ का भव्य आयोजन किया जाएगा। 11 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं को संत परंपरा, भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक चिंतन का दुर्लभ संगम देखने को मिलेगा। प्रतिदिन सायंकाल आयोजित होने वाली कथा में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों के शामिल होने की संभावना है। पुरुषोत्तम मास में होगा विशेष धार्मिक आयोजन साईं जय कुमार उदासी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास को सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक साधना का श्रेष्ठ काल माना गया है। इसी पावन अवसर पर श्री अमर हरि शीतल धाम में श्री भक्तमाल कथा का आयोजन रखा गया है। कथा के माध्यम से संतों के जीवन, उनके त्याग, तप, भक्ति और समाज को दिए गए संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। साथ ही श्रीमद्भागवत पुराण के मूल पाठ का भी आयोजन होगा, जिससे श्रद्धालुओं को धर्मग्रंथों के गूढ़ संदेशों को समझने का अवसर मिलेगा।

इंदौर से पधारेंगे कथा व्यास साईं गुरुमुखदास

इस आयोजन में कथा का रसपान प्रसिद्ध कथावाचक साईं गुरुमुखदास रामानंदी द्वारा कराया जाएगा, जो इंदौर से पधार रहे हैं। वे अपने प्रवचनों में भक्ति, वैराग्य, संत महिमा और आध्यात्मिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे। उनके प्रवचनों को सुनने के लिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
धार्मिक आयोजन में जयपुर के संत समाज का भी सानिध्य प्राप्त होगा। आयोजन से जुड़े संतों और धर्माचार्यों की उपस्थिति इसे और अधिक विशेष बनाएगी। श्रद्धालुओं को कथा के साथ-साथ भजन, कीर्तन और आध्यात्मिक चिंतन का लाभ भी मिलेगा।

पांच दिनों तक चलेगा धार्मिक कार्यक्रम

आयोजन की शुरुआत 11 जून को श्रीमद्भागवत पुराण के मूल पाठ से होगी। इसी दिन संध्या समय श्री भक्तमाल कथा का शुभारंभ किया जाएगा। 12 जून को कथा के साथ संत मोगूराम जी के पावन सानिध्य में विशेष आयोजन रखा गया है।
13 जून को श्री भक्तमाल कथा का नियमित आयोजन होगा, जबकि 14 जून को कथा के साथ वटवृक्ष पूजन का कार्यक्रम भी संपन्न कराया जाएगा। आयोजन के अंतिम दिन 15 जून को श्रीमद्भागवत पुराण मूल पाठ की पूर्णाहुति, श्री भक्तमाल कथा का समापन, हवन, सत्संग और प्रवचन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद प्रसाद वितरण के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।

श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील

आयोजन समिति ने धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की है। समिति का कहना है कि संत वाणी और कथा श्रवण मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।
शास्त्री नगर बनेगा भक्ति और श्रद्धा का केंद्र
पांच दिनों तक चलने वाला यह आयोजन जयपुर के धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। कथा स्थल पर प्रतिदिन भक्ति संगीत, संत प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन केवल कथा श्रवण का अवसर नहीं बल्कि आध्यात्मिक आत्ममंथन और संत परंपरा से जुड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

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