'हर-हर गंगे' के जयकारों के बीच निकली मां गंगा की उत्सव डोली, अक्षय तृतीया के दिन से श्रद्धालु कर पाएंगे दर्शन

मुखवा गांव में डोली प्रस्थान से पहले मां की उत्सव डोली की विशेष पूजा-अर्चना की गई और पूरे गांव को भव्य तरीके से सजाया गया। स्थानीय लोगों ने भी मां गंगा की डोली को ढोल-दमाऊ, रणसिंघा और पारंपरिक वाद्य यंत्रों से मां के साथ विदा किया। पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धालु की “जय मां गंगे” के जयकारों की गूंज सुनने को मिली। डोली यात्रा में भक्तों और अधिकारियों की भारी भीड़ देखने को मिली। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और साधु-संत, तीर्थ पुरोहित, स्थानीय जनप्रतिनिधि, और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। सभी मिलकर मां गंगा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।
वहीं दूसरी तरफ अक्षय तृतीया के मौके पर मां गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे, जिसको लेकर मंदिर समिति और प्रशासन की तरफ से पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सफाई व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन की विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बता दें कि शीतकाल में अधिक बर्फबारी की वजह से गंगोत्री धाम के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और मां गंगा की विग्रह डोली को मुखवा गांव में बने मंदिर में स्थापित किया जाता है, और वहां पूरे विधान के साथ मां गंगा की पूजा की जाती है।
--आईएएनएस
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