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हर-हर महादेव के साथ मंशाव्रत चौथ महोत्सव

- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी-
बांसवाड़ा। देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए मंशाव्रत का विशेष महत्व है। इस व्रत का संकल्प श्रावण चतुर्थी को लेकर, दीपावली के बाद आने वाली उद्यापन चतुर्थी तक प्रति सोमवार को व्रत किया जाता है। कुछ श्रद्धालु आजीवन व्रत करते हैं।
मंशाव्रत पूजा का सामान- चांदी का नाग, श्रीफल, लाल-सफेद वस्त्र, यज्ञोपवीत, देवी पार्वती के श्रृंगार का सामान आदि। प्रात:काल पवित्र स्नान के बाद सर्व प्रथम भोलेनाथ की पूजा अर्चना होती है और जलाभिषेक होता है, उसके बाद ही जल ग्रहण करते हैं।
इस अवसर पर श्रीगणेश की पूजा होती है तथा माता पार्वती की पूजा के बाद श्रृंगार का सामान देवी को अर्पित करते हैं। शिवभक्त एक श्रीफल- नारियल भोलेनाथ को अर्पित करते हैं तो एक नारियल का प्रसाद वितरित करते हैं। इस दिन कुछ भक्त एक वक्त का भोजन ग्रहण करते हैं तो कुछ भक्त केवल दूध और लड्डू ही ग्रहण करते हैं।
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।
ऐसे तैयार करें भोलेनाथ के लिए प्रसाद- मंशाव्रत के लड्डूः
गेहूं का मोटा आटा लेकर बड़ी छलनी में छान लेते हैं। गुनगुने गरम पानी और घी के साथ इसे बांधते हैं। बड़े आकार की बाटियां बना कर इन्हें सेंकते हैं, आजकल बाटी कुकर में यह जल्दी हो जाता है। इन बाटियों को मसल कर भाप निकलने देते हैं फिर मिक्सी में पीस कर छान लेते हैं।
दूसरी ओर घी गर्म करते हैं और इसमें देसी गुड़ अच्छे से मिक्स कर लेते हैं। अब दोनों को एक परात में अच्छे से मिला लेते हैं और अपनी मनपसंद के आकार के लड्डू बना लेते हैं। कई लोग इसमें बेहतर स्वाद के लिए सौंफ, नारियल की कतरन आदि भी मिलाते हैं तो कई लोग शक्कर के लड्डू भी बनाते हैं जिसमें इलाइची, बादाम जैसे ड्राई फ्रूट मिलाते हैं।
ऐसे तैयार करें भोलेनाथ के लिए गेहूं-गुड़-घी के लड्डू का प्रसाद !
https://www.youtube.com/watch?v=jugJcr0F4mA&t=363s
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