Mansa Devi: The Mind-Born Daughter of Lord Shiva, Residing on Bilwa Parvat in Haridwar-m.khaskhabar.com
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मनसा देवी : हरिद्वार के बिल्व पर्वत पर विराजती हैं शिव की मानस पुत्री

khaskhabar.com: बुधवार, 08 अप्रैल 2026 10:51 AM (IST)
मनसा देवी : हरिद्वार के बिल्व पर्वत पर विराजती हैं शिव की मानस पुत्री
हरिद्वार । देवभूमि उत्तराखंड सदियों से ऋषि-मुनियों और देवी-देवताओं का निवास स्थान रही है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के हरिद्वार में शिवालिक पहाड़ियों पर स्थित मां मनसा देवी का मंदिर भक्तों की आस्था का प्रतीक है। यह मंदिर धार्मिक महत्व रखने के साथ साथ खूबसूरत वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जानी जाती है। माता मनसा देवी को भगवान शिव की मानस पुत्री और वासुकी नागराज की बहन के रूप में जाना जाता है। हरिद्वार के बिलवा पर्वत पर स्थित उनका प्रमुख मंदिर (सिद्धपीठ) सबसे प्रसिद्ध है। इन्हें मुख्य रूप से सर्प दंश (सांप के काटने) से रक्षा करने और संतान प्राप्ति का आशीर्वाद देने वाली देवी माना जाता है। मंदिर की मान्यता और भव्यता इतनी अद्भुत है कि दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर की भव्यता पर जोर दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का विशेष वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, "मनसा देवी का पावन मंदिर जनपद हरिद्वार में शिवालिक पर्वत श्रृंखला के शिखर पर स्थित है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है। अपने हरिद्वार आगमन के दौरान माँ मनसा देवी के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव अवश्य करें।"
बिल्वा पर्वत पर स्थित माता की मूर्ति कमल या सर्प पर विराजमान दिखाई देती है। मान्यता है कि माता मनसा देवी हर किसी की मनोकामना पूरी करती हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि यदि कोई अपनी इच्छा पूरी कराना चाहता है, तो मंदिर के प्रांगण के पेड़ पर धागा बांधने से माता रानी उसकी मन्नत पूरी करती हैं।
कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए पेड़ पर धागा बांधते हैं और जब इच्छा पूरी हो जाती है, तो वह धागा खोलने जरूर आते हैं।
माता मनसा की पूजा विशेष रूप से नाग पंचमी के अवसर पर की जाती है। इन्हें 'विषहरी' (विष को हरने वाली) भी कहा जाता है क्योंकि वे सांप के जहर से लोगों की रक्षा करती हैं।
--आईएएनएस

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