Learn about the significance of Haridwars ancient Maa Dakshin Kali Temple, which even CM Dhami was delighted to see.-m.khaskhabar.com
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जानिए हरिद्वार के प्राचीन 'मां दक्षिण काली मंदिर' का महत्व, जिसे देख सीएम धामी भी हुए निहाल

khaskhabar.com: बुधवार, 10 जून 2026 12:22 PM (IST)
जानिए हरिद्वार के प्राचीन 'मां दक्षिण काली मंदिर' का महत्व, जिसे देख सीएम धामी भी हुए निहाल
उत्तराखंड । देवभूमि उत्तराखंड हरिद्वार की पावन धरा पर 'मां दक्षिण काली' निवास करती हैं। गंगा नदी के ठीक किनारे, शांत और मनोरम परिवेश में स्थित यह मंदिर हरिद्वार के सबसे प्राचीन और शक्तिपीठों में से एक है। यह एक ऐसा स्थान है, कदम रखते ही भक्त का मन सांसारिक कोलाहल से दूर होकर अध्यात्म के गहरे सागर में डूब जाता है। मंदिर की महत्ता का वर्णन पूरे देश में फैला हुआ है, जिसे देखने और माता की महिमा को निहारने के लिए भक्त दूर दूर से आते हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बुधवार को महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का दिव्य वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "हरिद्वार में मां गंगा के पावन तट पर स्थित दक्षिण काली मंदिर श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है। यह प्राचीन मंदिर मां महाकाली को समर्पित है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। हरिद्वार आगमन पर मां दक्षिण काली के इस दिव्य मंदिर के दर्शन अवश्य करें।"
यह मंदिर हरिद्वार में नील पर्वत की तलहटी और गंगा की 'नीलधारा' के तट पर स्थित सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर आस्था, शक्ति और रहस्य का अद्भुत संगम है। यह प्राचीन मंदिर सीधे तौर पर मां महाकाली को समर्पित है।
माता रानी के मंदिर को लेकर पौराणिक मान्यता काफी प्रचलित है। ऐसा कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान विषपान करने के बाद भगवान शिव ने विष का प्रभाव कम करने के लिए यहीं गंगा में स्नान किया था। यहां पर गंगा मैया की धारा दक्षिण की ओर (दक्षिण वाहिनी) मुड़ जाती है। यही कारण है कि मंदिर का नाम 'दक्षिण काली मंदिर' पड़ा। हालांकि मंदिर में माता काली की प्रतिमा का मुख पूर्व दिशा की ओर ही है।
मंदिर की स्थापना 108 नरमुंडों पर की गई थी और गर्भगृह में देवी काली, शिवलिंग और भैरव बाबा की प्रतिमाएं स्थापित है। इसी के साथ ही, यहां पर उत्तर भारत की सबसे बड़ी 'अखंड धूना' (अखंड ज्वाला) प्रज्वलित है।
--आईएएनएस

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