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कल्याणेश्वर महादेव : सदियों से टूटे शिवलिंग की पूजा, रहस्यों के भरा मंदिर

महादेव मंदिर में मौजूद सांपों को संरक्षण भी देते हैं। इसके अलावा, शिवलिंग पर चढ़ाया गया दूध या जल कहां जाता है, यह किसी को नहीं पता है। मान्यता है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल धरती मां ग्रहण कर लेती हैं। कल्याणेश्वर महादेव मंदिर को पांडव, कर्ण और शिवाजी महाराज से जोड़कर देखा गया है।
माना जाता है कि अज्ञात वास के समय पांडवों ने इसी स्थल पर आकर तपस्या की थी और शिवलिंग की स्थापना भी उन्हीं के हाथों हुई थी। इसके अलावा, कर्ण ने भी इस मंदिर में आकर भगवान शिव को पूजा था। शिवाजी महाराज को भी सफलता पाने के लिए कल्याणेश्वर महादेव मंदिर ही आना पड़ा था। इस मंदिर में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज ने तीन महीने तक लगातार यज्ञ किया था और महादेव का आशीर्वाद पाया था।
मंदिर इन रहस्यों और कथाओं की वजह से ही भक्तों की आस्था को और बढ़ाता है। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी जाती है। भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं। -आईएएनएस
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