रविवार को कालाष्टमी के साथ मासिक कृष्ण अष्टमी, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्य टालने की सलाह दी जाती है। वहीं, शुभ समय का लाभ उठाकर नए काम शुरू कर सकते हैं।
रविवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 9 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। प्रातः संध्या सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना गया है। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजे से 7 बजकर 22 मिनट तक होगा।
सायाह्न संध्या शाम 7 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। अमृत काल दोपहर 1 बजकर 49 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कामों के लिए उत्तम है। साथ ही निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से अगले दिन दोपहर 12 बजकर 38 मिनट (11 मई) तक होगा।
अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है। राहुकाल शाम 5 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ या नया काम शुरू करना वर्जित माना जाता है। यमगंड दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 40 मिनट से 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।
वहीं, आडल योग सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 11 मई की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। विडाल योग भी अगले दिन दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। पंचक दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 11 मई की सुबह 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
--आईएएनएस
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