July 23rd Panchang: Worshiping Goddess Durga and Lord Shiva will be fruitful, Abhijit Muhurta from 12:06 pm to 12:59 pm-m.khaskhabar.com
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Aug 10, 2026 4:21 pm
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23 जुलाई का पंचांग: मां दुर्गा, भगवान शिव की पूजा करना फलदाई, दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक अभिजित मुहूर्त

khaskhabar.com: बुधवार, 22 जुलाई 2026 10:40 AM (IST)
23 जुलाई का पंचांग: मां दुर्गा, भगवान शिव की पूजा करना फलदाई, दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक अभिजित मुहूर्त
नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 23 जुलाई 2026 (गुरुवार) को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, सुबह 7:03 बजे तक है। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। इस दिन गुप्त नवरात्रि का (पारण/समापन) है। मां दुर्गा, भगवान शिव और गणेश की पूजा करने से विशेष फलदाई रहेगा। इस दिन सुबह 5:57 बजे सूर्योदय और शाम 7:09 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, दोपहर 2:17 बजे चन्द्रोदय और रात 1:10 बजे चन्द्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को सूर्य पुष्य नक्षत्र में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा स्वाति नक्षत्र से रात 11:42 बजे के बाद विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जो अगले दिन तक प्रभावी रहेगा।
वहीं, 23 जुलाई 2026 (गुरुवार) को सुबह 6:50 बजे तक हर्षण योग प्रभावी रहेगा; इसके बाद शुभ योग शुरू हो जाएगा, जो पूरे दिन और रात तक प्रभावी रहेगा। गुरुवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है।
वहीं, राहुकाल दोपहर 2:10 बजे से 3:52 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 8:43 से 10:24 बजे तक रहेगा। यमगंड काल सुबह 5:57 से 7:36 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है।
वहीं, 23 जुलाई (गुरुवार) को सूर्य अपनी राशि बदलेगा, इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में संचार करेगा और शाम लगभग 7 बजे के बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

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